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कार्यशैली में सुधार के निर्देश, रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे: जिलाधिकारी

गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार अनिवार्य, नोडल अधिकारी और एडीओ पंचायत होंगे जिम्मेदार

योजनाओं के लाभार्थियों एवं शिकायतकर्ताओं से स्वयं फीडबैक ले अधिकारी*

बागपत, 11 सितंबर 2025 – जनपद बागपत में सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड से संबंधित विकास कार्यों की कड़ी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों को प्रतिवादी प्रविष्टि दी गई और कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश जारी किए गए।

अगस्त माह की रैंकिंग में जनपद को 10 में से 8.36 अंक प्राप्त हुए, कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं रही। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को कहा कि वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें, लाभार्थियों और शिकायतकर्ताओं से नियमित फीडबैक लें और कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले एक माह के भीतर रैंकिंग में सुधार न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सी श्रेणी प्राप्त होने के कारण जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। अब तक 966 आवेदन स्वीकृत हुए, कुल 1352 आवेदन प्राप्त हुए और 600 सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, विकास भवन में फैमिली आईडी कैंप के माध्यम से योजना के प्रचार-प्रसार और सही लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए गए।

पंचायती राज विभाग में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की। सचिवों के साथ बैठक कर पंचायत अधिकारियों के सेवा पुस्तिका में उनके कार्यों की समीक्षा दर्ज करने का आदेश दिया गया। 15वें वित्त आयोग में विभाग को सी श्रेणी और 5वें वित्त आयोग के अंतर्गत डी श्रेणी मिली, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की गति और गुणवत्ता में सुधार अनिवार्य है।

बेसिक शिक्षा विभाग में मध्याह्न भोजन योजना और विद्यार्थियों की उपस्थिति में मिली बी श्रेणी, तथा निपुण परीक्षा आकलन में सी श्रेणी पर जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों को समय पर और पर्याप्त पोषण सुनिश्चित किया जाए। निपुण परीक्षा आकलन में किसी भी अनियमितता, धीमी गति या कमजोर कार्यप्रणाली को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण माना जाएगा। सभी विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, शिक्षकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना, और बच्चों की उपस्थिति तथा परीक्षा आकलन की रिपोर्ट का प्रतिदिन मॉनिटरिंग अनिवार्य किया गया।

श्रम विभाग को सभी श्रमिक योजनाओं के पंजीकरण और लाभ वितरण में तेजी लाने के आदेश दिए गए। ओडीओपी वित्त पोषण योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार वृद्धि और श्रम सम्मान योजना के क्रियान्वयन में तेजी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। सामूहिक विवाह योजना 02 नवंबर से आयोजित होगी। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना और अपात्र लाभ रोकना सभी विभागों की जिम्मेदारी होगी।

डी श्रेणी वाले सभी विभागों को प्रतिवादी प्रविष्टि दर्ज की गई। जल निगम की अधूरी परियोजनाओं और जनता दर्शन में अधिकारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए गए। अग्रवाल मंडी टटीरी में पेयजल योजना समय पर पूरा करना, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना और परियोजनाओं का समयबद्ध हैंडओवर सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। परियोजना विवरण बोर्ड लगाना और आंगनवाड़ी केंद्रों की धीमी गति पर खंड विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र पंचायत में आंगनवाड़ी के लिए सबसे पहले पैसे जारी किए जाएंगे। गौशालाओं का निरीक्षण हर दूसरे शनिवार नोडल अधिकारी द्वारा किया जाएगा। सरकारी योजनाओं का अंतिम लाभार्थी तक पहुँचना, पत्राचार की पूर्णता और अपात्र लाभ रोकना सभी विभागों की अनिवार्य जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने IGRS में जनपद की रैंक सुधारने के लिए विशेष समीक्षा और कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की देरी या त्रुटि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चकबंदी, SDM खेकड़ा, DIOS, पूर्ति निरीक्षक और अधिशासी अभियंता विद्युत को सभी कार्यों की तत्काल समीक्षा और सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारी निर्देशित किए गए कि रोजगार मेला समयबद्ध तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि पात्र युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

सिंचाई विभाग को जिले के सभी तटबंधों की स्थिति सुधारने, हरे चरे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और बीडीओ के कार्यों की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ या लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, स्वयं सहायता समूहों को निधि वितरण, फैमिली आईडी, 15वें एवं 5वें वित्त आयोग के कार्य, निपुण परीक्षा आकलन, मिड-डे मील, सेतु निर्माण, सड़क निर्माण व अनुरक्षण, कन्या विवाह सहायता योजना, ओडीओपी वित्त पोषण योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में तेजी और पूर्णता सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर देरी, लापरवाही या कार्यशैली में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी।

अधिकारियों को अपने विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए ताकि प्रगति में सुधार हो और विभागों में शिथिलता न रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी लापरवाही करेगा, वह कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व पंकज वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग, बागपत

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