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पिंकी कश्यप, गाजियाबाद। फॉर्म लेडी महिला किसान मंजू रानी कश्यप निवासी ग्राम दुहाई जनपद गाजियाबाद ने जिलाधिकारी जनपद गाजियाबाद को एक शिकायती पत्र लिखते हुए निवेदन किया कि उन्हें मार्च 2025 में मत्स्य विभाग से सौदा जलाशय जिला से क्षेत्रफल 4.221 हेक्टेयर का आवंटन किया गया था। मंजू रानी कश्यप ने बताया कि सौदा जलाशय के ऊपर से 11000 वाट की पावर लाइन जा रही है जिससे कभी भी कोई भी जान माल की हानि हो सकती है। अगर कोई दुर्घटना हो जाये तो सभी अपना पल्ला झाड़ लेते है। तब जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं होता। कई बार पावर लाइन हटवाने के लिए अधिशासी अभियंता पश्चिमांचल विधुत विभाग से भी मत्स्य विभाग और अन्य कई विभागों ने भी आग्रह किया लेकिन अभी तक भी 11 000 वाट की पावर लाइन विधुत विभाग ने नहीं हटाई। मंजू रानी कश्यप ने जिलाधिकारी सहित कई विभागो मांग की है कि जल्द से जल्द 11000 वाट पावर लाइन जलाशय से हटाई जाए। जिससे किसी जान माल की हानि से बचा जा सके और वह अपना कार्य अच्छे से कर, सरकार द्वारा जलाशय आवंटन पैसा दे सके।

बतादे कि शहरी क्षेत्र की महिलाओं की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर हासिल करना काफी चुनौती पूर्ण होता है. गाजियाबाद के दुहाई गांव की रहने वाली मंजू कश्यप ने तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए खुद का आजीविका का साधन स्थापित किया.साथ ही महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल भी बनकर दिखाया।

फॉर्म लेडी के नाम से मश्हूर: गाजियाबाद में मंजू रानी कश्यप को फॉर्म लेडी के नाम से जाना जाता है। देश के प्रधानमंत्री तक मंजू रानी कश्यप की फार्मिंग का लोहा मान चुके है। खेती की नई तकनीक का इस्तेमाल कर मंजू हर किसी का मॉडल बन, हर साल लाखों रुपये भी कमा रही है। दुहाई गांव में करीब 25 बीघे के तालाब में मछली पालन, सिंघाड़े समेत कई सब्जियां और फलों की खेती करती हैं। मंजू का प्रयास है कि वह खेती का नया मॉडल स्थापित कर सके। कृषि विज्ञान केंद्र गाजियाबाद से उन्होंने ट्रेनिंग प्राप्त की है।

विश्व मत्स्य दिवस पर लखनऊ में प्रदेश के मिनिस्ट्री ऑफ़ फिशरीज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने मंजू रानी कश्यप को सम्मानित किया था. दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मंजू कश्यप को आमंत्रित किया गया था। जहां मंजू ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी।

मंजू रानी कश्यप के काम की सराहना देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी कर चुके हैं। मत्स्य आधारित एकीकृत खेती पद्धति मॉडल को लेकर आज वही महिला किसान जिसका प्रधानमंत्री तक लोहा मान चुके है। विधुत विभाग के एक ट्राँफार्मर के तालाब में होने के कारण, मत्स्य विभाग जलाशय में मछली पालन करने में समस्या हो रही है।

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