
नितिन कुमार सिंह, बागपत। थाना बड़ौत क्षेत्र के ग्राम हिलबाड़ी में 25 मई को मृतक चन्द्रापाल कश्यप की हत्या गांव के ही दबंग लोगो ने गांव के तालाब पर बुला पीट व गर्दन तोड़ कर हत्या कर दी थी। जैसे ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप को इसका पता चला तुरंत पीडि़त परिवार से मिलने साथियो सहित बड़ौत थाने पहुंचे और रात्रि लगभग बारह बजे तक पुलिस थाने में ही डटे रहे। मर्तक चंद्रपाल कश्यप की 6 महीने की बेटी दिव्या कश्यप भी पुलिस थाने की टेबल पर रोती बिलखती रही। मृतक अपने पीछे पत्नी काजल कश्यप एवं छह माह की पुत्री दिव्या कश्यप को छोड़ गए हैं। काजल के मायका में में भी कोई नहीं है।

रविवार को गांव हिलबाड़ी पहुंचकर राज्य मंत्री केपी मलिक, बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, जिलाधिकारी अस्मिता लाल, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय एवं एसडीएम बड़ौत भावना सिंह ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की तथा मृतक के परिजन को 5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में शासन एवं प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है तथा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मृतक परिवार को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही भी की गई, जिसमें एसडीएम बड़ौत भावना सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु संस्तुति की गई, पारिवारिक सहायता लाभ हेतु आवेदन की कार्यवाही कराई गई, अन्त्योदय राशन कार्ड बनाए जाने हेतु ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ दिलाने हेतु आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की गई। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मृतक के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिवारजनों का मनोबल बढ़ाया तथा उन्हें न्याय एवं प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

बताया जाता है कि 25 मई को सायं लगभग चार बजे गांव के ही कुछ दबंग लोगो ने एक 25 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन चंद्रपाल कश्यप निवासी हिलवाड़ी की निर्मम हत्या ईंटो से पीट व गर्दन तोड़ गांव के तालाब पर बुलाकर कर दी गयी थी। 26 मई को पोस्टमार्टम के बाद जब चंद्रपाल कश्यप का शव गांव पहुंचा, तो स्वजन का रो रो कर बुरा हाल था। आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। शव को गांव के एक कोल्हू पर रखा गया और स्वजन ने रो-रोकर कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। भीषण गर्मी में चंद्रपाल की पत्नी कागज, मां माया, भाई नीटू समेत दूसरे स्वजन के अंदर गुस्सा नहीं, दर्द था। कांग्रेस जिलाध्यक्ष्य लव कश्यप, अन्य पार्टियों के नेता, सर्व समाज गांव हिलवाड़ी के लोग, समाजसेवी सुभाष चंद कश्यप, राहुल कश्यप, श्रीओम कश्यप, कश्यप समाज के नेता व समाजसेवी सहित तमाम लोग हिलवाड़ी में मर्तक चंद्रपाल को इंसाफ दिलाने पहुँच गए। एसडीएम भावना सिंह व सीओ अंशु जैन भी भारी पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ पहुँच गए। मर्तक चंद्रपाल कश्यप की लगभग छह महीने की मासूम बच्ची को एसडीएम भावना सिंह भी अपनी गोद में लिए बैठी दुख बांट रही थी। बच्चे रो रहे थे, मां माया के हाथ कांप रहे थे। उनकी आंखों में सिर्फ सवाल था क्या मेरे बेटे की जान का कोई मोल नहीं?

लोग कह रहे थे कि पीडि़त परिवार को 50 लाख आर्थिक सहायता तत्काल दिलवाये। पुलिस प्रशासन ने सभी मांग तुरंत मान ली। परन्तु पीडि़त लोग जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कह रहे थे। पीडि़त लोग भड़के और शव को हाइवे की तरफ लेकर भागे जिन्हे पुलिस ने रोक दिया। परन्तु कुछ लोग हाइवे पर जा पहुंचे। जिन्हे पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर अक्षरधाम दिल्ली देहरादून हाइवे से उतारा। लोगो का कहना था कि जिलाधिकारी से फोन कर पीडि़त लोगो की वार्ता भी करा देते तो स्थिति न बिगड़ती। लगभग दोपहर 1 बजे मर्तक चंदरपाल कश्यप का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने कुछ नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ थाना बड़ौत में हाइवे पर जाने का मुकदमा कर दिया। एक आरोपी रविंद्र को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। अगले दिन दूसरे आरोपी बबलू को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बताया जाता है कि हिलवाड़ी गांव में कूलर की मरम्मत करने के एवज में मांगे 500 रुपये को लेकर सोमवार को शाम लगभग पांच बजे इलेक्ट्रिशियन चंद्रपाल कश्यप की हत्या कर दी गई थी। उसके भाई नीटू ने गांव के ही बबलू व रविंद्र के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार सुबह लगभग सात बजे पोस्टमार्टम के बाद स्वजन चंद्रपाल के शव को लेकर गांव पहुंचे और धर्मवीर कश्यप के कोल्हू पर रख दिया। कुछ ही देर में वहां जमा भीड़ आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलवाने, एनकाउंटर करने समेत पांच मांग करने लगी। सूचना के बाद एसडीएम भावना सिंह, सीओ अंशु जैन, बिनौली, दोघट, रमाला और छपरौली थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। दोनों अधिकारियों ने पीडि़त लोगों को हरसंभव मदद कराने का आश्वासन देते हुए आरोपित रविंद्र की गिरफ्तारी की बात बताई, लेकिन लोग पांचों मांगें पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार पर अड़े थे। इसी बीच महिला और पुरुष चंद्रपाल के शव को लेकर दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर की ओर चल दिए, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। महिलाओं ने पुलिस के साथ हाथापाई कर दी। खींचतान में बीच पुलिस ने शव को कारिडोर पर नहीं ले जाने दिया तो कारिडोर पर चढ़ गए और जाम लगाते हुए देहरादून से आने वाले वाहनों को रोक दिया। लगभग आठ-दस मिनट बाद ही पुलिस ने लाठियां भाजते हुए भीड़ को खदेड़कर वाहन संचालन शुरू कराया। दोपहर लगभग 1 बजे श्मशान घाट में चंद्रपाल के शव का अंतिम संस्कार हुआ।
बाद में पीडि़त परिवार से शोक संवेदना व्यक्त करने और उन्हें सांत्वना देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री नरेंद्र कश्यप, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, सामाजिक न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप पार्टी नेताओ सहित पहुंचे। समाजवादी पार्टी नेता व एमएलसी किरणपाल कश्यप भी पहुँच परिवार को दिलासा दी व एसडीएम बड़ौत से मिलकर, अपने लेटर हेड पर पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता के लिए भी पत्र लिखौ। 31 मई को महर्षि कश्यप एकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कश्यप व पदाधिकारियो को पुलिस ने बागपत जनपद में घुसते ही हिरासत में ले बड़ौत थाने ले आयी, लगभग दो घंटे बाद छोड़ा गया। अभी भी तमाम लोगो का आना जारी है। सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए गांव में पुलिस पीएसी बल तैनात है।















