Spread the love

जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर उनका समयबद्ध निस्तारण

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता

बिजली व्यवस्था सुधारने, जल जीवन मिशन की सड़कों की मरम्मत और डिजिटल लाइब्रेरी पर जोर

बागपत 11 मार्च 2026 –मेरठ के विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति के सभापति हरि ओम पाण्डेय की अध्यक्षता में जनपद मेरठ, बागपत एवं हापुड़ के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिलाधिकारी अस्मिता लाल के साथ जनपद बागपत के समस्त विभाग के अधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया और विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समिति ने जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर विभागीय रजिस्टर में दर्ज कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया गया। मा0 सदस्य विधान परिषद/विधान सभा के विकास निधि से होने वाले कार्यों को प्रारंभ करने की प्रक्रिया तथा पूर्ण करने की समयसीमा, विगत तीन वर्षों में विधायक निधि से कराये गये कार्य, एक जिला एक उत्पाद के संबंध में लक्ष्य व प्रगति, विगत तीन वर्षों में विधान परिषद की समितियो की बैठक और उनके निर्देशो का अनुपालन, विगत तीन वर्षों में विधान परिषद के अल्पसूचित/तारांकित/अतारांकित प्रश्न, विधान परिषद के नियम 115, 105, 110 तथा 111 की सूचनाओं, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्राप्त याचिकायें, विशेषाधिकार हनन के लंबित प्रकरण, विधान परिषद के माननीय सदस्यों से प्राप्त पत्रों पर कार्रवाई, मा0 विधायकों के प्रोटोकॉल के उल्लंघन के प्रकरण, विभागीय बैठको में विधायको/जनप्रतिनिधियो को न बुलाने के प्रकरण, शासन से स्वीकृत कार्यों के शिलान्यास/उद्धघाटन समारोह में शिलापट्टो पर संबंधित विधायको के नाम तथा अन्य बिंदुओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में समिति ने बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने, जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराने, गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। समिति के सदस्यों ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

समिति के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस बैठक में बागपत जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समिति के समक्ष पिछले तीन वर्षों में जिले में हुए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की जानकारी प्रस्तुत की। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से विस्तार से जानकारी लेते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंचना चाहिए और इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

बैठक में विद्युत व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया। समिति ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि विजिलेंस की जांच कार्रवाई तय समय सीमा के भीतर संचालित की जाए। समिति के सदस्यों ने यह भी पूछा कि देर रात छापेमारी जैसी कार्रवाई क्यों की जा रही है और उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाने के लिए व्यवस्था को और व्यवस्थित किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए और जांच अभियान पारदर्शी तरीके से चलाए जाएं।

जलापूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी समिति ने गंभीरता से चर्चा की। जल निगम के अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए समिति ने कहा कि कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सभी सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए। इस पर जल निगम के अधिशासी अभियंता ने समिति को बताया कि मरम्मत कार्य के लिए 30 दिन का समय मांगा गया है और निर्धारित अवधि के भीतर सड़कों को ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। समिति ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता के विषय पर भी चर्चा हुई। समिति ने मुख्य विकास अधिकारी से जिले में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवाओं को अध्ययन सामग्री तथा ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि गांवों के विद्यार्थी भी आधुनिक शिक्षा संसाधनों से लाभान्वित हो सकें।

समिति के सदस्यों ने कहा कि गांवों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा और जानकारी तक पहुंच आसान होगी। इससे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल विकास से जुड़े अवसरों का लाभ मिल सकेगा। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल लाइब्रेरी जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति दी जाए।

ऊर्जा के क्षेत्र में चल रही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की भी बैठक में समीक्षा की गई। समिति ने अधिकारियों से योजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली और कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। समिति के सदस्यों ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित किए जाएं ताकि लोग स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठा सकें और बिजली बिल में भी कमी आए।

बैठक में समिति ने यह भी जाना कि जिले में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों और सुझावों पर किस प्रकार कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाता है। समिति ने इस व्यवस्था को लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद से विकास कार्यों को गति मिलती है।

समिति ने विधायक निधि से किए गए विकास कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले में विधायक निधि के माध्यम से कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं और कुछ परियोजनाएं अभी प्रगति पर हैं। समिति ने विकास कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में जिले की विकास संभावनाओं और आर्थिक गतिविधियों के बारे में भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बागपत जिले में कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों तथा आम नागरिकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। समिति ने कहा कि जिले की विशेषताओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं ताकि क्षेत्र के आर्थिक विकास को और मजबूती मिल सके।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी विभागों ने अपने-अपने कार्यों का विवरण और अभिलेख तैयार किए थे, जिन्हें बैठक में प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने समिति के समक्ष जिले में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी विस्तार से रखी और समिति के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार समिति द्वारा विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट बाद में विधान परिषद में प्रस्तुत की जाएगी और उसके आधार पर शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई और सुझाव तय किए जाएंगे।

समिति का यह अध्ययन भ्रमण प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किया जा रहा है। अलग-अलग जिलों में बैठकों के बाद समिति अपनी अंतिम समीक्षा बैठक लखनऊ में करेगी, जहां सभी जिलों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण किया जाएगा। बागपत प्रशासन के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे जिले में चल रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रयासों को राज्य स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार समन्वित प्रयासों के माध्यम से जिले के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा और शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर एमएलसी मोहित बेनीवाल ,एमएलसी अश्वनी त्यागी , जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल, अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी राहुल वर्मा ,डिप्टी कलेक्टर जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्योति शर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार सहित संबंधित विभागों के जनपद बागपत के अधिकारियों ने मेरठ बैठक में प्रतिभाग किया।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×