Spread the love

जनपद में परीक्षा पूर्णत नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराई जा रही

बागपत 21 फरवरी 2026 —जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने यूपी बोर्ड परीक्षा के दृष्टिगत आज राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत का औचक निरीक्षण किया और परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षाएं 2026 की परीक्षा हेतु जनपद बागपत में हाई स्कूल के 13766 व इंटरमीडिएट के 13417 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं जनपद में 37परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिन पर सभी चाक-चौबंद व्यवस्था के सात परीक्षाएं संपन्न कराई जा रही है जिसमें स्टेटिक मजिस्ट्रेट जोनल मजिस्ट्रेट सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल, प्रकाश एवं स्वच्छता की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक एवं कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए कि परीक्षा पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराई जाए।
जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें बिना किसी तनाव के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष एवं सुचारु परीक्षा संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रधानाचार्य प्रीति शर्मा उपस्थित मिली।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×