बागपत ::- दो बच्चों की मां ने अपनी उम्र से दो साल छोटे प्रेमी युवक से मंदिर में शादी रचा ली। वह कोतवाली में ही अपने पति के सामने प्रेमी संग शादी करने की जिद पर अड़ गई थी। समझाने के बाद भी नहीं मानी तो पति ने महिला को प्रेमी के सिपुर्द करते हुए कहा कि अब इसके संग ही रहना। उन दोनों की दोस्ती फेसबुक से हुई थी। कोतवाली से जाने से पहले मिटाई बांटी गई। मुजफ्फरनगर के पीनना गांव निवासी 23 वर्षीय सोनी की शादी तीन साल पहले सहारनपुर के देवबंद के गांव जड़ौदा जट के पीरू के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। महिला अनुसूचित जाति से है। महिला की करीब एक साल पूर्व बागपत कोतवाली के अग्रवाल मंडी टटीरी के कश्यप बिरादरी के 21 वर्षीय हरीश से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हो गई थी। दोनों मोबाइल पर काल करने लगे थे। प्रेम प्रसंग इतना बढ़ा कि महिला अपने पति और बच्चों को छोड़कर तीन बार प्रेमी के घर पहुंची और संग रहने की जिद पर अड़ गई। हरीश के स्वजन ने हर बार समझा-बुझाकर वापस भेजा। इसके बाद भी उन दोनों की मोबाइल पर बातचीत जारी रही। मंगलवार सुबह महिला सोनी एक बार फिर ट्रेन में सफर कर प्रेमी के घर पहुंची, कहा कि अब वापस नहीं जाएगी। थोड़ी देर बाद ही महिला का पति पीरू और मायकेवाले वहां पहुंच गए। उनके बीच काफी नोकझोंक हुई। पीरू ने पुलिस को फोन करके बुलाया। पुलिस महिला के प्रेमी हरीश को कोतवाली ले गई। महिला भी वहां पर पहुंची और प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ गई। महिला का पति एवं अन्य लोग कोतवाली पहुंचे। युवक के परिवार की महिलाएं भी पहुंच गईं। पुलिस ने घंटों उनका सुलह-समझौते का प्रयास किया, लेकिन महिला व उसका प्रेमी एक साथ रहने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पति पीरू ने अपनी पत्नी को यह कहते हुए प्रेमी के सिपुर्द कर दिया कि अब इसी के साथ रहना…। यह बोलकर महिला का पति और अन्य लोग वापस घर लौट गए। इसके बाद युवक के स्वजन ने कोतवाली में ही एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। उन दोनों ने अपनी मर्जी से साथ रहने की इच्छा जाहिर करते हुए पुलिस को लिखकर दे दिया। इसके बाद पुलिस ने मर्जी के अनुसार जाने दिया। देर शाम उन दोनों ने कस्बे के ही मंदिर में शादी रचाई। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार का कहना है कि शादीशुदा महिला की युवक से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी, वह दोनों एक साथ रहना चाहते हैं। यह लिखकर पुलिस को देकर चले गए।
बागपत थाने में पत्नी को प्रेमी के हवाले कर लौट गया पति… फिर दो बच्चों की मां और प्रेमी ने रचा ली शादी
Bysubhashchand4
Feb 19, 2026Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4