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बड़ौत संवाददाता

अभी शर्मा के आवास पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस और उन्होंने कहा
बागपत। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर कमी को लेकर जनता में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। दर्जनों अस्पताल होने के बावजूद बागपत के किसी भी अस्पताल में समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है। कैंसर जैसे गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिले में आज तक कोई भी कैंसर सेंटर स्थापित नहीं किया जा सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बागपत में सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों का भी भारी अभाव है। ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिस्ट, सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर जिले के अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मेरठ या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।
आधुनिक जांच सुविधाओं की बात करें तो स्थिति और भी चिंताजनक है। जिले के अस्पतालों में एमआरआई, पेट स्कैन, रेडिएशन और कीमोथेरेपी जैसी आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, कई अस्पतालों में वेंटिलेटर होने के बावजूद स्टाफ की कमी के कारण वे उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं।
गंदे पानी की समस्या भी जिले के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बागपत के गांव गांगनोली सहित कई क्षेत्रों में दूषित पानी के सेवन से लोग कैंसर, लकवा और अपाहिज जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह महत्वपूर्ण जिला होने के बावजूद बागपत में अब तक एम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान की स्थापना नहीं हो सकी है। जनता का सवाल है कि जब स्वास्थ्य पर सरकार द्वारा भारी बजट खर्च किया जा रहा है, तो फिर बागपत को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं से क्यों वंचित रखा गया है।
इन सभी समस्याओं को लेकर जिले में “बागपत मांगे बदलाव” की आवाज़ तेज़ होती जा रही है। लोग सरकार और जनप्रतिनिधियों से स्वास्थ्य व्यवस्था में ठोस सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।
इस अवसर पर मौजूद रहे परवीन वर्मा (अध्यक्ष बड़ौत मजदुर एसोसिएशन)
विवेक कुमार
विकास चौधरी
कृष्णा कुमार उपस्थित रहे।

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