Spread the love

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से युवाओं के सुझावों से बना बजट, बागपत से ग्रुप कैप्टन अमन कुमार भी रहे शामिल

यंग लीडर्स डायलॉग की गूंज संसद तक, बजट में दिखी युवाओं की सोच: बजट में कौशल, नवाचार और उद्यमिता पर जोर

बागपत, 01 फरवरी 2026। लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट प्रस्तुत किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार बजट निर्माण की प्रक्रिया में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से जुड़े माय भारत मंच के युवाओं के सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि नीति निर्धारण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो और बजट को ‘विकसित भारत’ के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में विकसित भारत टीम उत्तर प्रदेश के ग्रुप कैप्टन रहे बागपत के अमन कुमार ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं को आगे बढ़ाने का अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा से रोजगार तक की पूरी श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि युवा नई तकनीक और उद्योगों में अपनी जगह बना सकें। उनके अनुसार, स्टैंडिंग कमेटियों और नीति मंचों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने से निर्णय प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक और समावेशी बनेगी।

अमन कुमार ने विशेष रूप से बजट में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे रचनात्मक क्षेत्रों के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में यह पहल युवाओं को नए कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करेगी। इंटरनेट और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ये क्षेत्र वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं और भारत के युवा इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर दिए गए जोर को लेकर भी युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। अमन कुमार ने कहा कि इस निर्णय से बागपत जैसे जनपदों में शिक्षा, स्टार्ट-अप, डिजिटल सेवाओं और स्थानीय उद्योगों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी। इंटरनेट आधारित सेवाओं, स्किल सेंटर और रचनात्मक उद्योगों के विस्तार से छोटे शहर भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

स्टेट यूथ अवॉर्डी एवं माय भारत स्वयंसेवक अमन कुमार ने टीम यूपी के लगभग 75 युवाओं के ग्रुप का विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया था जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से संवाद कर उनके विचार सुने और उन विचारों का समावेश कर आज प्रस्तुत हुए बजट की प्राथमिकताओं के निर्धारण किया गया।

माय भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं की आवाज़ को संसद तक पहुंचना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बागपत जैसे जिलों के लिए यह बजट नई उम्मीदें लेकर आया है, जहां शिक्षा, डिजिटल क्रिएटिव सेक्टर और स्थानीय विकास को गति मिलने की संभावना है। युवाओं की भागीदारी से बना यह बजट ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता नजर आ रहा है।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×