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♦️(भ्रामक खबर)-प्रश्नगत खबर में अमर उजाला की ओर से मा0 विधायक 38 मिलक, श्रीमती राजबाला सिहं जी का वर्जन निम्न प्रकार से प्रकाशित किया गया है-
“सरकार की मंशा स्पष्ट है कि अवैध खनन न हो, मगर रामपुर में हो रहा है। यह स्थानीय प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि अवैध खनन न होने पाये”।

♦️(खबर की सच्चाई)- प्रश्नगत खबर में मा0 विधायक 38 मिलक, श्रीमती राजबाला सिहं जी द्वारा जिला प्रशासन रामपुर को पत्र के माध्यम से दिया गया ब्यान निम्न प्रकार से है-
उपरोक्त प्रकाशित कथन के सम्बन्ध में जिला प्रशासन द्वारा जानकारी किये जाने पर मा0 विधायक द्वारा अपने लिखित पत्र संख्या 3707 दिनांक 22.12.2025 के माध्यम से अवगत कराया गया है कि-“शासन-प्रशासन से संबंधित किसी प्रकरण में मेरे ऑडियों, वीडियों एवं पत्र के माध्यम से दिये गये बयान ही मेरा समझा जाए। किसी विषय पर किसी समाचार पत्र के माध्यम से दिये गए, भ्रामक बयान को मेरा न समझा जाए। आपसे आशा करती हूँ कि मो० 9759609100 एवं 8887150838 पर सम्पर्क करके मुझसे या मेरे पति श्री दिलीप सिंह जी से खबर के सम्बन्ध में पुष्टि कर ली जाए। उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में बिना मेरी अनुमति के बयान प्रकाशित करने पर कठोर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।”

♦️अतः उक्त समाचार असत्य तथ्यों पर आधारित होकर पूर्वाग्रहवश जिला प्रशासन की छवि को क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इस संबंध में स्थानीय दैनिक समाचार पत्र के संपादक को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जा रहा है, ताकि विषयक प्रकरण में विधि-सम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।’
Chief Minister Office Uttar Pradesh
Uttar Pradesh COVID Care

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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