झारखंड अलग राज्य आंदोलन के अग्रिम नेता विनोद बिहारी महतो जी का 34 वां पुण्यतिथि आज 18 दिसंबर 2025 को झरिया विधानसभा अंतर्गत डिगवाडीह मदन राम के आवासीय कार्यालय में मनाया गया पुण्यतिथि में आए हुए अतिथियों ने उनके तस्वीर पर माल्यार्पण किया तथा विनोद बिहारी जी के जीवन के उन संघर्षों के बारे में व्याख्यान किया विनोद बाबू झारखंड के लोगों को कहते थे पढ़ो और लड़ो जब तक आप अपना इतिहास को नहीं पढ़ पाओगे तब तक आप अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ पाओगे आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे धनबाद महानगर उपाध्यक्ष मदन राम झारखंड कोलयरी मजदूर यूनियन के वरिष्ठ नेता सपन बनर्जी झामुम के वरिष्ठ नेता आशीष सिंन्हा झारखंड मुक्ति मोर्चा के इम्तियाज अंसारी गौतम हरि जसीम अंसारी सद्दाम खान महेंद्र कुमार जावेद अंसारी हरिपद महतो कालीपद महतो कमल अंसारी प्रमोद तिवारी मोहम्मद इस्लाम सुभान अंसारी आदि लोग उपस्थित थे।
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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4