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अंकों से आगे की शिक्षा: संगीत से जुड़कर आत्मविश्वासी बनेंगे और खुद को पहचानेंगे बागपत के युवा

अच्छी पहल: संगीत के ज़रिये युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच का होगा विकास

सुरों के साथ संवरेंगे बागपत के बच्चे: जिलाधिकारी के प्रयासों से पहली बार अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम होगा शुरू

परीक्षा के दबाव से आगे, आत्म-अभिव्यक्ति की ओर बढ़ेंगे विद्यार्थी, परीक्षा को उत्सव के रूप में मनाएंगे

बागपत, 17 दिसंबर 2025। जहाँ कक्षाओं में अक्सर अंकों और परीक्षाओं की चिंता हावी रहती है, वहीं बागपत के कुछ विद्यालयों में अब शिक्षा का मतलब सिर्फ़ किताबें नहीं रहेगा। हमारे बागपत के बच्चों को परीक्षा से उत्सव और उत्साह के साथ जोड़ना है.. हमारे बागपत के युवाओं को संस्कृति का संवाहक बनना होगा.. हमारे विद्यार्थी खुद को आसानी से अभिव्यक्त करे इसके लिए कुछ करना चाहिए.. कुछ इसी सोच के साथ जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने एक नई पहल शुरू की।

अब यहाँ बच्चे सुरों के साथ सीखेंगे, ताल के साथ बढ़ेंगे और संगीत के ज़रिये अपनी पहचान गढ़ेंगे। देश के प्रतिष्ठित संगीतकार पद्मश्री शंकर महादेवन द्वारा स्थापित शंकर महादेवन अकादमी ने बागपत के दो विद्यालयों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए “ग्रो विद म्यूजिक” कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

इस पहल को ज़मीनी स्तर पर साकार करने में बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और रचनात्मक नागरिक बनाना भी है। विभिन्न अवसरों पर जब जब जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद किया, उस मौके पर कई विद्यार्थी अक्सर भावुक देखने को मिले। जिलाधिकारी का बच्चों से स्नेह, जुड़ाव और उनकी संभावनाओं पर विश्वास अनूठा है जो बच्चों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठकों से लेकर स्कूलों के निरीक्षण और बच्चों के अधिकार सुनिश्चित करने तक हर कहीं देखने को मिलता है।

इसी दृष्टि के साथ जिलाधिकारी ने बागपत में कला, संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर ज़ोर दिया, ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के बच्चों को भी वे अवसर मिल सकें, जो अक्सर बड़े शहरों तक सीमित रह जाते हैं। शंकर महादेवन अकादमी के साथ यह साझेदारी उसी सोच का परिणाम है, जहाँ प्रशासन एक सक्षम सहयोगी बनकर बच्चों के सपनों को मंच देने का माध्यम बना है।

आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में जहाँ शिक्षा प्रणाली अक्सर परिणामों तक सीमित रह जाती है, वहीं संगीत जैसी कलाएँ बच्चों को आत्म-अभिव्यक्ति, अनुशासन, सहयोग और भावनात्मक संतुलन सिखाती हैं। संगीत बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और रचनात्मक सोच को सशक्त बनाता है। शंकर महादेवन अकादमी के साथ यह साझेदारी बच्चों को संगीत को समझने, महसूस करने और स्वयं रचने का अवसर देगी।

इस समझौते के अंतर्गत बागपत के चयनित विद्यालयों में एक वर्षीय ऑनलाइन संगीत शिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। कुल 34 सत्रों वाले इस कार्यक्रम में 24 नियमित शिक्षण कक्षाएँ, 9 अभ्यास सत्र और एक अंतिम प्रस्तुति कक्षा शामिल होगी। प्रत्येक बैच में अधिकतम 20 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा, ताकि हर बच्चे को व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल सके। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थी आधारभूत संगीत ज्ञान से लेकर रचनात्मक अभिव्यक्ति तक की यात्रा सहज रूप से कर सकें।

इस पहल को खास बनाता है इसका पूरी तरह निःशुल्क होना। सामान्यतः लगभग ₹3,500 प्रति विद्यार्थी की लागत वाले इस कार्यक्रम को शंकर महादेवन अकादमी ने बागपत के छात्रों के लिए बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया है। यह निर्णय उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक सीमाओं के कारण कला और संगीत शिक्षा से दूर रह जाते हैं। यह पहल शिक्षा में समान अवसर की अवधारणा को ज़मीनी स्तर पर साकार करती है।

कार्यक्रम पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगा। विद्यार्थियों को अकादमी के अत्याधुनिक क्लाउड-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म तक पहुँच मिलेगी, जिसमें ओम डिजिटल म्यूज़िक बुक, असाइनमेंट, मूल्यांकन, ऑडियो–वीडियो सामग्री और प्रगति ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। इस तरह तकनीक और रचनात्मकता का संगम बच्चों को डिजिटल इंडिया और नई शिक्षा नीति की भावना से भी जोड़ता है। सभी कक्षाएँ प्रमाणित और अनुभवी संगीत शिक्षकों द्वारा ली जाएँगी, जिन्हें बच्चों के साथ संवाद और प्रेरणा देने का अनुभव है। साथ ही, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, आईटी और कस्टमर सपोर्ट की निरंतर सहायता भी उपलब्ध रहेगी।

यह पहल केवल संगीत सीखने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और जीवन कौशल को भी मजबूती मिलेगी। संगीत के ज़रिये विद्यार्थी तनाव प्रबंधन, आत्म-अनुशासन, सहयोग और आत्म-अभिव्यक्ति जैसे 21वीं सदी के ज़रूरी गुण विकसित करेंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की उस सोच के अनुरूप है, जो कला, संस्कृति और कौशल-आधारित शिक्षा को मुख्यधारा में लाने पर ज़ोर देती है। खासतौर पर ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए यह अवसर प्रतिभा और संसाधनों के बीच की दूरी को कम करेगा और बागपत को रचनात्मक शिक्षा के नक्शे पर एक नई पहचान देगा।

कार्यक्रम के अंत में होने वाली विशेष प्रस्तुति कई बच्चों के लिए जीवन का पहला मंच अनुभव होगी। यहि मंच उनके आत्मविश्वास को पंख देगा और उन्हें अपनी आवाज़ पर भरोसा करना सिखाएगा। इस अवसर पर शंकर महादेवन अकादमी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर बी.एम. मंजुनाथ ने कहा, “हमारा उद्देश्य हर बच्चे तक संगीत की खुशी और उसकी शक्ति पहुँचाना है। बागपत प्रशासन के साथ इस साझेदारी से यहां की नई पीढ़ी के युवा संगीत से जुड़कर खुद को पहचान सकेंगे और सशक्त बनेंगे।

भारत की संगीत परंपरा सदियों पुरानी है और बागपत जैसे सांस्कृतिक रूप से जीवंत क्षेत्र में यह पहल बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक वैश्विक दृष्टि भी देगी। अलग-अलग संगीत शैलियों और संस्कृतियों से परिचय बच्चों में विविधता के प्रति सम्मान और समझ विकसित करेगा। इस साझेदारी का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। जब बच्चे संगीत से जुड़ते हैं, तो घर और विद्यालय का वातावरण भी अधिक सकारात्मक और संवेदनशील बनता है। अभिभावकों को यह भरोसा मिलेगा कि उनके बच्चों को सुरक्षित, संरचित और गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा मिल रही है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य विद्यालयों और जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

शंकर महादेवन अकादमी, एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट ट्रस्ट के रूप में, आधुनिक तकनीक और अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से दुनिया भर में संगीत शिक्षा को सुलभ बना रही है। बागपत में शुरू हुई यह पहल दिखाती है कि जब सही साझेदारी और संवेदनशील सोच साथ आती है, तो शिक्षा केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी अनुभव बन जाती है।

सूचना विभाग बागपत

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