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बागपत कलेक्ट्रेट 16 दिसंबर 2025

नितिन कुमार सिंह, 16.12., बागपत। बागपत कलेक्ट्रेट में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा ने धरना प्रदर्शन कर श्री दादूबलराम संस्कृत महाविद्यालय, ग्वाली खेड़ा में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गबन के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया गया। संगठन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने बागपत कलेक्ट प्रभारी ज्योति शर्मा को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य साधुराम स्वामी ने छात्रों से पैसे लेकर फर्जी डिग्रियां बांटीं, जिससे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।

धरनारत लोगो का कहना था कि इसके अतिरिक्त, महिला छात्रावास के लिए यूजीसी के एनआरसीबी अनुभाग से प्राप्त 15 लाख रुपए के कथित गबन का भी आरोप है। संगठन ने ज्ञापन में साधुराम स्वामी को आपराधिक छवि का व्यक्ति बताया और आरोप लगाया कि वह अपनी दबंगई से लोगों को धमकाते हैं।

भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि कलेक्ट प्रभारी ज्योति शर्मा ने मामले में कार्रवाई के लिए सात दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बागपत कलेक्ट्रेट पर दोबारा धरना प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में कॉलेज के प्रबंधतंत्र देश की सबसे बड़ी समस्या बनते जा ररहे है। सरकारों ने प्रबंधतंत्र को मनमानी तानाशाही करने की खुली छूट दे राखी है। ऊपर से देश की जनता के टैक्स के पैसे को भी कॉलेज प्रबंधतंत्र को सरकारी सहायता के रूप में मुक़दमे आदि से बर्बाद करने के लिए सरकार देती है। बागपत जनपद भी अछूता नहीं है। यहाँ भी लगभग लगभग सभी प्रबंधतंत्र किसी न किसी रूप के अपराध में शामिल है। अपने ही कॉलेज के कर्मचारियों को किसी न किसी रूप में कमजोर करने का कार्य में शामिल है। झूठे सबूतों के आधार पर झूठे मुकदमे करने में भी पीछे नहीं है। एक सिंगल कर्मचारी सिस्टम से पैसे व सिफारिश के आभाव में हार जाता है। देश की सरकारो को शिक्षा का राष्ट्रीयकरण करना चाहिए।

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