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बागपत में निवेश की संभावनाएं भरपूर, आर्थिक गतिविधियों संग बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर

नए उद्योग लाएंगे नई उम्मीदें, सफलता की कहानियाँ बनेंगी निवेश का सेतु

बागपत, 05 दिसंबर 2025 — आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के संबंध में बैठक कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जल्द ही बागपत की सूरत निवेश और नए उद्योगों संग बदलने वाली है। बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सभी विभागों और बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में उद्यमियों को निवेश–अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत का विशिष्ट इतिहास, अनूठी भौगोलिक स्थिति, दिल्ली–एनसीआर से निकटता, मजबूत कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और उभरते क्लस्टर इसे एक बड़े निवेश केंद्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि जनपद की इन खूबियों को निवेशकों के समक्ष व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जाए, क्योंकि निवेश केवल उद्योग नहीं लाता बल्कि रोजगार, कौशल विकास और समग्र आर्थिक मजबूती का आधार बनता है।

बैठक में सबसे पहले चर्चा बैंकिंग व्यवस्था पर हुई, जहां जिलाधिकारी ने सभी निजी एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों में लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए स्पष्ट किया कि निवेशकों व उद्यमियों की कोई भी फाइल अनावश्यक देरी से नहीं रोकी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी समय पर कार्य नहीं करेगा, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई अपरिहार्य होगी। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शासन की प्राथमिकता की योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, ताकि जनपद के युवा और उद्यमी बिना बाधा अपने व्यवसाय शुरू कर सकें।

उन्होंने विभागों को यह भी निर्देश दिया कि निवेशकों के लिए एक बेहतर व्यवस्था विकसित की जाए। निवेशक जब किसी जिले में आता है तो पारदर्शिता और सहयोग सबसे पहले देखता है। हर विभाग अपनी “सफलता की कहानियाँ” तैयार करे और यह बताए कि उनके सेक्टर में पहले किए गए उद्योगों या प्रोजेक्ट्स ने किस तरह स्थानीय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए।

जिलाधिकारी ने कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, वन, पर्यटन, आबकारी, डेयरी, एनआरएलएम, आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपनी योजनाओं के माध्यम से निवेशकों को किस प्रकार आकर्षित कर सकते है, इसका विस्तृत ब्यौरा तैयार करें। उन्होंने डेयरी, कोल्ड चेन, स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग, ग्रामीण पर्यटन, कृषि उपकरण निर्माण, हेल्थकेयर सेवाओं, और एमएसएमई आधारित उत्पादों के लिए संभावित परियोजनाओं को निवेश साथी पोर्टल पर अवश्य पंजीकृत करने का आदेश दिया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निवेश से बागपत की सूरत बदलेगी। जैसे ही नए उद्योग आएंगे, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, किसानों को अपनी उपज के लिए नए बाजार मिलेंगे, डेयरी व कृषि आधारित उद्योग मजबूत होंगे और जिले की अर्थव्यवस्था पहले से कहीं अधिक विकसित और सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि बागपत पहले से ही कृषि और डेयरी में अग्रणी रहा है। यदि इसे उद्योगों और स्टार्टअप्स से जोड़ा जाए तो यह जिला उत्तर प्रदेश के आर्थिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बना सकता है।

जनपद में नई कंपनियों और उद्योगों के आगमन से जिले में लॉजिस्टिक्स, परिवहन, कौशल प्रशिक्षण, होटल–ढाबा–अस्पताल सेवाएं, व्यापारिक गतिविधियां और सहायक उद्योगों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जिलाधिकारी ने लंबित अनुमतियों, फाइलों और विभागीय स्वीकृतियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि सभी विभाग समयबद्ध और निवेशक–हितैषी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे। उन्होंने कहा कि बागपत जिले को फास्ट–ट्रैक मोड पर आगे बढ़ाना आवश्यक है, ताकि यहां निवेशकों का विश्वास मजबूत हो और नये उद्योग बिना किसी बाधा के स्थापित हो सकें।

बैठक में परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ,उपायुक्त उद्योग अर्चना तिवारी सहित बैंकों के अधिकारीगण अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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