जम्मू/श्रीनगर ::- दिल्ली में लाल किले के सामने 10 नवंबर को हुए घातक विस्फोट जैसा ही खौफनाक मंजर श्रीनगर में कल रात देखने को मिला। श्रीनगर के नौगाम थाने में हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गये। घायलों में अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। घायलों को इलाज के लिए उजाला सिग्नस, SMHS और 92 बेस अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। बताया जाता है कि फरीदाबाद में जब्त विस्फोटक सामग्री के नमूने लेते समय यह विस्फोट हुआ है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जब्त किया विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट था। धमाके से आसपास के घरों को भी भारी नुकसान हुआ है। घरों की खिड़कियां टूट गई हैं। धमाका इतनी तेज था कि इसकी आवाज नौगाम ही नहीं, छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चाैक क्षेत्र में सुनाई दी। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। धमाके को दिल्ली विस्फोट के जैसा ही माना जा रहा है। वीडियो फुटेज देखकर वैसे ही दृश्य सामने आ रहे हैं जैसे कि दिल्ली धमाके के बाद दिखाई दिए थे। दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में 13 लोगों की जान जा चुकी है। जांच एजेंसियां उस धमाके की तय तक पहुंचने के लिए सघन जांच कर रही हैं। प्राथमिक जानकरी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर भीषण विस्फोट हुआ है। यह विस्फोटक सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल से बरामद किया गया हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि नौगाम पुलिस स्टेशन ने उस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया है जो दिल्ली में लाल किले पर हुए हमले के लिए भी जिम्मेदार था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद में जब्त किए गए 2900 किलो विस्फोटक में 358 किलोग्राम आरडीएक्स था और एफएसएल टीम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एक दर्जी उसकी सैंपलिंग कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करने के बाद नाैगाम पुलिस स्टेशन में लाई गई थी। मुजम्मिल इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या पूरे 360 किलोग्राम विस्फोटक उस पुलिस स्टेशन में संग्रहीत किए गए थे या नहीं। बता दें कि इसी पुलिस स्टेशन में 19 अक्तूबर को सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का मामला दर्ज किया गया था।
श्रीनगर में दिल्ली जैसा खौफनाक मंजर, थाने में हुए जोरदार धमाके में छह लोगों की मौत; धधकते रहे वाहन
Bysubhashchand4
Nov 15, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4