जम्मू ::- दिल्ली में लाल किले के पास कार हुए विस्फोट के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग (सीआईके) ने वीरवार को भी पूरे कश्मीर में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पूरी घाटी में करीब 250 ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दाैरान तीन कर्मचारियों और 20 ओजीडब्ल्यू समेत 45 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के सीआईके ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कश्मीर के विभिन्न जिलों में 13 जगहों पर एक साथ छापे मारे। इस दौरान 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इन ठिकानों से स्मार्टफोन, लैपटॉप, आईपैड और टैबलेट सहित करीब 20 डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली विस्फोट के पीछे छिपे स्लीपर सेल और रसद सहायता ढांचे की पहचान कर इसे ध्वस्त करने के आतंकरोधी अभियान का हिस्सा है। यह अभियान कड़ी सुरक्षा के बीच चलाया गया। सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल मामले में अनंतनाग, पुलवामा और कुलगाम जिले में पुलिस के बुधवार की रात भर छापे जारी रहे। इस दाैरान पुलिस ने तीन सरकारी कर्मचारियों समेत करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है। ये कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग, वित्त विभाग और शिक्षा विभाग के हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि इनमें से कुछ पिछले एक साल में तुर्किए गए थे। बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद में विस्फोटक की बरामदगी के सिलसिले में अब तक डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कश्मीर में 250 ठिकानों पर छापा, तीन सरकारी कर्मी और 20 आतंकी मददगारों समेत 45 हिरासत में
Bysubhashchand4
Nov 14, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4