लखनऊ ::- बेसिक शिक्षा विभाग ने समूह क में पदोन्नति पाने वाले आधे दर्जन शिक्षा अधिकारियों को बृहस्पतिवार को नई तैनाती दे दी है। इसमें लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, हरदोई आदि जिलों के बीएसए भी शामिल हैं। हालांकि अभी इनके स्थान पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव यतींद्र कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार लखनऊ के बीएसए राम प्रवेश को डायट लखनऊ में उप प्राचार्य, डायट लखनऊ के उप प्राचार्य शिवेंद्र प्रताप सिंह को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल, बाराबंकी के बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक झांसी मंडल, गोरखपुर के बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह को डायट हरदोई में उप प्राचार्य, बीएसए पीलीभीती अमित कुमार को डायट कन्नौज में उप प्राचार्य, बीएसए हरदोई विजय प्रताप सिंह को डायट मैनपुरी में उप प्राचार्य बनाया गया है।
यूपी मे बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर सहित इन जिलों के बीएसए बदले गए
Bysubhashchand4
Nov 14, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4