आज से पूरी दिल्ली में नकद भीख माँगना बंद हो जाएगा*हम भिखारियों को (भोजन+पानी) देंगे। लेकिन नकद एक भी रुपया नहीं देंगे। *दिल्ली और उसके आस पास समेत पूरी दिल्ली में एक अलग आंदोलन शुरू हो गया है, चाहे वह किसी भी तरह का भिखारी हो।*और यह आंदोलन सही है। अगर कोई भी व्यक्ति (स्त्री/पुरुष/बूढ़ा/दिव्यांग/बच्चे) भीख माँग रहा है, तो हम पैसे की जगह (भोजन+पानी) देंगे, लेकिन आज से हम पैसे वाले भिखारियों को पैसे नहीं देंगे। इसके परिणामस्वरूप, अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर ‘भिखारियों’ के गिरोह टूट जाएँगे और फिर बच्चों का अपहरण अपने आप बंद हो जाएगा। अपराधियों की दुनिया से ऐसे गिरोह खत्म हो जाएँगे। पोस्ट शेयर करना शुरू करें..और कृपया किसी भिखारी को एक भी रुपया न दें….अगर आपको लगता है कि यह बहुत ज़्यादा है तो गाड़ी में 2 बिस्कुट रख लें, बैग रख लें, लेकिन पैसे न दें। अगर आप इस अभियान से सहमत हैं, तो इस विचार को कम से कम 10 लोगों तक और कम से कम अगले तीन ग्रुप तक फैलाएँ।👍🙏🏻🙏🏻

subhashchand4

Bysubhashchand4

Nov 8, 2025
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आज से पूरी दिल्ली में नकद भीख माँगना बंद हो जाएगा
*हम भिखारियों को (भोजन+पानी) देंगे। लेकिन नकद एक भी रुपया नहीं देंगे। *दिल्ली और उसके आस पास समेत पूरी दिल्ली में एक अलग आंदोलन शुरू हो गया है, चाहे वह किसी भी तरह का भिखारी हो।*
और यह आंदोलन सही है। अगर कोई भी व्यक्ति (स्त्री/पुरुष/बूढ़ा/दिव्यांग/बच्चे) भीख माँग रहा है, तो हम पैसे की जगह (भोजन+पानी) देंगे, लेकिन आज से हम पैसे वाले भिखारियों को पैसे नहीं देंगे। इसके परिणामस्वरूप, अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर ‘भिखारियों’ के गिरोह टूट जाएँगे और फिर बच्चों का अपहरण अपने आप बंद हो जाएगा। अपराधियों की दुनिया से ऐसे गिरोह खत्म हो जाएँगे। पोस्ट शेयर करना शुरू करें..
और कृपया किसी भिखारी को एक भी रुपया न दें….
अगर आपको लगता है कि यह बहुत ज़्यादा है तो गाड़ी में 2 बिस्कुट रख लें, बैग रख लें, लेकिन पैसे न दें। अगर आप इस अभियान से सहमत हैं, तो इस विचार को कम से कम 10 लोगों तक और कम से कम अगले तीन ग्रुप तक फैलाएँ।👍🙏🏻🙏🏻

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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