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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए – सांसद

जनकल्याणकारी योजनाओं में रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों का लिया जाए जवाब

संसाधनों की कमी के मामले में अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से शीघ्र समाधान करने के निर्देश

विभागीय अधिकारियों को अपने विभाग की संपूर्ण जानकारी और कार्यप्रणाली पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश

बागपत, 27 अक्टूबर 2025। आज जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में बागपत लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न हुई। बैठक में छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, बागपत विधायक श्री योगेश धामा तथा एमएलसी शामली श्री वीरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी अस्मिता लाल सहित जनपद स्तरीय अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, उनकी प्रगति, प्रभावशीलता और चुनौतियों की गहन समीक्षा करना था। सांसद डॉ. सांगवान ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का अंतिम लक्ष्य जनहित और जनता तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।”

बैठक में सांसद ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आवास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन सहित कई प्रमुख योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जनपद में कुल 63 मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 18 मार्गों को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 19 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 583 परिवारों का सर्वेक्षण संपन्न हुआ है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में 120 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिनसे अब तक 8400 मृदा नमूने एकत्रित किए जा चुके हैं। वहीं आयुष्मान भारत योजना में जनपद बागपत को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जिसे सांसद ने सराहनीय उपलब्धि बताया।

बैठक का सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील बिंदु स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा रहा। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की निम्नस्तरीय स्थिति पर गहरी असंतोष एवं गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य जैसी प्राथमिक सेवा में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।” सांसद ने निर्देश दिया कि जनपद के सभी चिकित्सा पद तुरंत भरे जाएं तथा पदस्थ चिकित्सक अपने कार्यों के प्रति पूर्ण उत्तरदायित्व और निष्ठा प्रदर्शित करें। यह स्पष्ट किया गया कि कर्तव्यों से विमुख या अनुपस्थित पाए जाने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि “मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति तत्काल बंद की जाए। हर चिकित्सक अपने स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करे।”

सांसद ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए जनसाधारण को समुचित उपचार सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें निजी चिकित्सालयों पर निर्भर होने की विवशता न रहे। सांसद ने सीएमओ से रिक्त पदों की अद्यतन सूची, चिकित्सकों की उपस्थिति रिपोर्ट, उपलब्ध संसाधनों का विवरण और मरीजों की रेफरल संख्या तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि एवं कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

सांसद ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “शिक्षा विभाग की लापरवाही भविष्य की पीढ़ी के साथ खिलवाड़ के समान है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।” सांसद ने जर्जर विद्यालय भवनों, निष्प्रयोज्य स्कूलों एवं छात्रों के स्थानांतरण से संबंधित रिपोर्टों पर बेसिक शिक्षा अधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा और यह निर्देश दिया कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय की भौतिक स्थिति, नामांकन, उपस्थिति, एवं शिक्षण गुणवत्ता की अद्यतन रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में भवन जर्जर या अनुपयोगी स्थिति में हैं, वहाँ सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय में छात्र सुरक्षा, उपस्थिति या शिक्षण गुणवत्ता से संबंधित गंभीर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित प्रधानाध्यापक एवं खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

सांसद ने कहा कि “विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि मूल्याधारित शिक्षा, अनुशासन और चरित्र निर्माण का स्थल होना चाहिए।” उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि अध्यापकों की उपस्थिति, अध्यापन पद्धति, और शिक्षण सामग्री के उपयोग पर कठोर निगरानी तंत्र लागू किया जाए, ताकि विद्यालय प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता स्थापित हो सके। सांसद ने स्कूल छुट्टी के समय बाजारों में होने वाली अव्यवस्था और यातायात जाम पर भी चिंता व्यक्त की और एआरटीओ तथा पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि बिना फिटनेस के कोई भी वाहन सड़कों पर न चले। इस दौरान 19 राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उपस्थिति और शासकीय कार्य हेतु टैबलेट वितरित किए गए, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल सके।

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि कृषि मेले, प्रशिक्षण शिविर और गोष्ठियों का लाभ हर किसान तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा — “किसान अन्नदाता हैं, उन्हें योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिएं।” राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान मिशन के अंतर्गत लक्ष्य की प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। 36 स्वीकृत पशु चिकित्सकों में केवल 16 कार्यरत पाए जाने पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में पशु चिकित्सक नियमित जाएं, पशुओं की मृत्युदर (6-7%) में सुधार लाएं, और संरक्षित पशुओं की देखभाल में कोई लापरवाही न हो।

सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित समस्याओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने बावली गांव में हाइवे जलभराव, ब्लैक स्पॉट, खराब स्ट्रीट लाइट्स और गड्ढों पर नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि सिसाना में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सांसद ने निर्देश दिया कि हाइवे 334 बी का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना किसानों के हित में गन्ना मार्गों का निर्माण प्राथमिकता से हो तथा गन्ना भुगतान में देरी करने वाली मिलों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता केवल अभियान नहीं, आदत बने। जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक 170 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और 97057 परिवारों को जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि “पानी की बर्बादी रोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। पाइपलाइन बिछाने के कार्य की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। खेलो इंडिया योजना के तहत खेकड़ा स्टेडियम की मरम्मत और उसके लिए जाने वाले मार्ग का निर्माण एक माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि फल एवं बागवानी फसलों को बढ़ावा दें ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही कृषि विभाग को निर्देश दिए कि कृषि मेलों एवं संगोष्ठियों का आयोजन हेतु ऐसे स्थान चुने जाएं जहां अधिकाधिक किसान जुड़ सके और सुनिश्चित करे कि सभी कृषकों तक सूचना समय से पहुंचे। कृषि विज्ञान केंद्र में होने वाले मेलों को जनपदभर में आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सभी किसान लाभान्वित हो।

सांसद ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, सीएम युवा उद्यमी विकास योजना और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बैंक स्तर पर लोन वितरण में कोई बाधा न आए और लाभार्थियों को आसानी से ऋण और लाभ मिले। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवों और लेखपालों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों से जुड़े और योजनाओं की जानकारी सीधे गांव-गांव पहुंचाएं। साथ ही दिव्यांगों की सूची बनाकर उपलब्ध कराए जिसके अनुरूप कोई भी दिव्यांग अथवा निशक्त व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि डूडा के अंतर्गत मलिन बस्तियों में हुए कार्यों की गुणवत्ता जांची जाए और श्रम विभाग की श्रमिक कल्याण योजनाओं को गति दी जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि सुगम्य भारत अभियान के तहत एक नई पहल की गई है जिसमें नोएडा से विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक माह एक दिन जनपद में आकर दिव्यांग एवं मानसिक रूप से पीड़ित बच्चों की जांच और प्रमाण पत्र निर्माण का कार्य करती है। सांसद ने इसे जनसंवेदनशील शासन की पहल बताते हुए सराहा। सांसद डॉ. सांगवान ने कहा कि विकास कार्यों में जो अधिकारी लापरवाही बरतते हैं और जिनकी वजह से योजनाओं की रैंकिंग खराब होती है, उनसे जवाब तलब किया जाएगा।

उन्होंने आगामी बैठक में रैंकिंग सुधार की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि “बागपत दिल्ली के समीपवर्ती जनपद होने के कारण विकास के हर मानक पर अग्रणी बनना चाहिए। यह जनपद अन्य जिलों के लिए मॉडल बने।” उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में, उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। किसी भी प्रकार की ढिलाई या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संसाधनों की कमी होने पर तत्काल शासन को पत्राचार द्वारा समाधान किया जाए।

बैठक के समापन पर सांसद ने कहा कि “जनकल्याण योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर योजना को संवेदना और समर्पण के साथ लागू करें, ताकि विकास केवल कागजों पर नहीं, जनजीवन में दिखे।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। सम्बंधित अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाए और शासन की मंशा के अनुसार कार्य करे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व पंकज वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान, सीएमओ डॉ तीरथ लाल, ब्लॉक प्रमुख पिलाना अनीश यादव सहित दिशा समिति के अन्य सदस्य एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सूचना विभाग, बागपत

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