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सभी सम्मानित साथियों को सादर नमस्कार।

साथियों अगर किसी भी सम्मानित साथी ने किसी कारण से अभी तक एमएलसी शिक्षक चुनाव के लिए वोट नहीं बनवाई है तो कृपा करके जल्द से जल्द आप ऑनलाइन वोट बनवाने का कष्ट करें….

जिसके लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें और अपनी सारी इनफार्मेशन डालने के बाद प्रमाण पत्र पर अपने प्रधानाचार्य की महोर सिग्नेचर एवं नाम सहित लगवा कर उसे फोटो के साथ अटैच करें।

यह कार्य बेहद सरल है और केवल 5 मिनट के अंदर आप इसे कंप्लीट कर सकते हैं।
इस संबंध में किसी भी साथी को अगर कोई समस्या है तो कृपा करके मुझसे संपर्क करें।

सादर।

सुभाष चंद कश्यप स्नातक वोट के लिए
9837749557
जनपद बागपत

डॉ कुलदीप मलिक, शिक्षक नेता
संस्थापक: शिक्षा पर चर्चा कार्यक्रम
संपर्क सूत्र: 9871282232

लिंक
https://ceouttarpradesh.nic.in/ceoupmlc/index.html

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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