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वायरल, नई दिल्ली। अरे क्या आपका भी परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) कार्ड खो गया है? या फिर चोरी हो गया है या उसकी हालत पुराना होने की वजह से काफी खराब हो गई है, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। जी हां, आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में नया PVC परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) Card दोबारा अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा और Reprint PAN Card के ऑप्शन को सेलेक्ट करना होगा, जिससे आपका डुप्लीकेट कार्ड आसानी से आपके घर कुछ ही दिनों में आ जाएगा। हालांकि इसके लिए आपको 50 रुपये का मामूली शुल्क देना होगा। चलिए इसके बारे में जानते हैं…

PVC परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) अब पुराने पेपर वाले कार्ड की जगह ले चुका है। यह प्लास्टिक मटेरियल से तैयार किया गया होता है, जो काफी मजबूत, वाटरप्रूफ और लंबे टाइम तक ड्यूरेबल रहता है। इतना ही नहीं इस कार्ड पर एक QR कोड भी बना है। उसकी ऑथेंटिसिटी का फटाफट पता चल सकता है।

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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