Spread the love

वायरल, नई दिल्ली/पटना। बिहार राज्य विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का समय पूरा हो चुका है। देश की प्रमुख पार्टियों में से राजद के 143, चिराग की LJP (R), कांग्रेस के 61, BJP-JDU के 101-101,के 28, जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM के 6-6 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा छोटी पार्टियों के साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के बाद अब चुनाव प्रचार अभियान जोर पकड़ चुका है। ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और वोटरों को लुभाने के लिए पार्टियां अपना-अपना दांव-पेच लगाने में जुटी हुई हैं। इस लाइव ब्लॉग में हम बिहार चुनाव से जुड़ी पल-पल की अपडेट दे रहे हैं

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा नेता मनोज पांडे ने पटना में आयोजित होने वाली महागठबंधन की साझा प्रेस वार्ता पर कहा, “हम जब चुनाव से बाहर आ गए तो बिहार में हम गठबंधन में भी नहीं हैं। हमें तो उस लायक ही नहीं समझा गया। जो लोग चुनाव लड़ रहे हैं उनकी प्रेस वार्ता होगी, लेकिन जो झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की पीड़ा थी वह कायम है। जो भावनाएं हैं, वह कहीं न कहीं आहत हुई हैं और कई मौकों पर जितना बड़ा दिल हेमंत सोरेन ने दिखाया वह हृदय बिहार के नेताओं में दिखाई नहीं दिया। इसे मैं नाइंसाफी कहूंगा।”

बिहार राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन दलों के बीच सीट बटवारे पर कहा, “जिस तरह से महागठबंधन ने सीटों का बटवारा और उम्मीदवारों का चयन किया, बिहार के मतदाता अब महागठबंधन को ‘महा-लठबंधन’ के नाम से जान रहे हैं। इन लोगों ने टिकट बटवारे के दौरान अपना जो चाल, चरित्र व चेहरा दिखाया, मतदाता इस बात को समझ रहे हैं कि जो महागठबंधन सीटों का बटवारा नहीं कर सकता वह सरकार भी नहीं चला सकता है।”

बिहार राज्य चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी ने कहा, “मैं दिल्ली में 4 दिन रहा लेकिन टिकट नहीं मिला। मैंने सारे कागज जमा किए थे। मैंने राहुल गांधी से टिकट की मांग की थी तो उन्होंने कहा था कि वे टिकट देंगे। मुझे टिकट की उम्मीद थी। राहुल गांधी से मुलाकात भी नहीं हुई। सबको टिकट बांट दिया गया, लेकिन हमें टिकट नहीं मिला। मैं लगभग चार दिन दिल्ली में रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×