लखनऊ ::- उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों रात के पारे में गिरावट देखने को मिल रही थी। माैसम विभाग का कहना है कि अब अगले दो हफ्तों तक रात का गिरता हुआ तापमान लगभग स्थिर और सामान्य रहेगा। दिन में गुलाबी धूप होगी और रात में हल्की ठंड बनी रहेगी। बीते दिनों हिमांचल और उत्तराखंड के पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और ठंडी पछुआ हवाओं का असर मंगलवार को फीका पड़ा। कई जिलों में दिन व रात के तापमान में बढ़त देखने को मिली। मंगलवार को उरई में सर्वाधिक 34.6 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज हुआ जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं बाराबंकी में रात का पारा सबसे कम 15.5 डिग्री दर्ज हुआ। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश से दक्षिणी पश्चिमी मानसून की संपूर्ण वापसी हो गई है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन व रात के पारे में 1 से 2 डिग्री की बढ़त नजर आएगी।
प्रदेश में समय से पहले सर्द होनी शुरू हुईं रातें :: 15 डिग्री पहुंचा न्यूनतम पारा
Bysubhashchand4
Oct 15, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4