छपरौली ::- बदरखा गांव निवासी मोनिका (30) की मंगलवार सुबह मौत हो गई। मोनिका के भाई दीपक ने मोनिका के पति पर शराब के रुपये नहीं देने पर पिटाई करने के बाद जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगाया। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। पुलिस ने शव की जांच की तो मोनिका की कमर पर डंडे से पिटाई के कई निशान मिले और उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही। शामली जिले के सिंभालखा गांव निवासी मोनिका की शादी दो साल पहले अशोक निवासी बदरखा के साथ हुई थी। उसकी मंगलवार सुबह को साढ़े 11 बजे हालत खराब हो गई थी तो उसने अपने भाई दीपक को फोन करके अपनी हालत के बारे में बताया। वह तुरंत ही अपने दोस्त के साथ बदरखा आया और मोनिका को सीएचसी छपरौली में लेकर पहुंचा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मोनिका की मौत का पता चलने पर भाई दीपक व अन्य परिजनों ने पति पर पिटाई कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4