Spread the love

मुख्यमंत्री कृषक कल्याण दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत मृतक के परिजनों को ₹500000 से सरकार द्वारा दी जाती आर्थिक सहायता

8पात्र लाभार्थियों के खाते में आर०टी०जी०एस०के माध्यम से अंकन 40 लाख रूपये की धनराशि भेजी जायेगी

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत कल 16 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 11 स्वीकृत हुए पांच दावे पुनर्विचार के लिए रखे गए तीन आवेदन अपात्र पाए गए

बागपत29 सितंबर 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के संबंध में आज अपर जिलाधिकारी वित्त /राजस्व पंकज वर्मा ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत जून 2025 सितंबर 2025 तक के कुल 16 प्राप्त आवेदन दावों के निस्तारण हेतु समिति के समक्ष आये जिसमें से जिसमें से 8 स्वीकृत हुए पांच दावे पुनर्विचार के लिए रखे गए, तीन आवेदन अपात्र पाए गए 8 लाभार्थीयों /हिताधिकारियों को 40 लाख रुपए धनराशि की संस्तुति की है जो लाभार्थियों के खाते में ई पेमेंट के माध्यम से प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री कृषक कल्याण दुर्घटना योजना के अंतर्गत प्राप्त 16दावों के निस्तारण के सम्बन्ध में समीक्षा की जिसमें तीन पत्रावली कुछ दस्तावेज लंबित थे जिन्हें पात्र माना गया पांच दावे पुनर्विचार के लिए रखे गए है ,जबकि 8 लाभार्थी /हिताधिकारियों की पत्रावली की संस्तुति की है जो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थी थे उनके खाते में धनराशि भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री कृषक कल्याण दुर्घटना बीमा योजना में उत्तर प्रदेश के निवासी ऐसे कृषक जो दुर्घटनावश मृत/दिव्यांग हो जाते हैं जिनकी आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष तक हो, जिनकी मृत्यु आग लगने, बाढ आने बिजली गिरने करन्ट लगने, सांप द्वारा काटने, जीव-जन्तु जानवर द्वारा काटने-मारने / आक्रमण से समुद्र, नदी, झील, तालाब पोखर या कुएं में डूबने, आंधी तूफान से वृक्ष गिरने / दबने मकान गिरने, रेल / रोड/ वायुयान या अन्य वाहन आदि से दुर्घटना, भूस्खलन, भूकंप, गैस रिसाव, विस्फोट, सीवर चैम्बर में गिरने अथवा अन्य किसी कारण से कृषक की दुर्घटनावश मृत्यु / दिव्यांगता होती है तो कृषक के विधिक वारिस को इस योजना के अर्न्तगत आर्थिक सहायता अंकन 500000 /- रूपये (मृतक होने की दशा में) व 125000/-रूपये (दिव्यांग होने की दशा में) अनुमन्य होगी। उल्लेखनीय है कि हत्या से सम्बन्धित किसी भी प्रकरण में सहायता राशि देय नहीं है ।

उक्त योजना के अर्न्तगत दुर्घटना में मृतक कृषक के वारिसों द्वारा आवेदनपत्र निर्धारित प्रारूप पर दो प्रतियों में मृत्यु तिथि से 90 दिन के अन्दर तहसील मुख्यालय पर जमा करना होगा विलम्ब की दशा में आवेदनपत्र विलम्ब के कारण सहित जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, 90 दिन की अवधि बढ़ाने का अधिकार जिलाधिकारी को है। उक्त अवधि के पश्चात प्रस्तुत आवेदन पर विचार नही किया जायेगा।

इस सम्बन्ध में यदि किसी भी व्यक्ति को कोई जानकारी प्राप्त करनी हो तो वह किसी भी कार्यदिवस मे जिला मुख्यालय पर भूलेख कार्यालय संबंधित तहसील व लेखपाल से योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर सकता है।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×