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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आज यानी बुधवार को सेकेंड फेज की वोटिंग है. वोटिंग से पहले ही पश्चिम बंगाल की चुनावी लड़ाई में एक नाटकीय मोड़ आया है. जी हां, पश्चिम बंगाल पर आधी रात को सुप्रीम कोर्ट में हलचल हुई है.आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को बंगाल से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. इस याचिका में यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को बंगाल में ‘पुलिस ऑब्ज़र्वर’ के पद से तुरंत हटाने की मांग की गई है.

पश्चिम बंगाल में फाइल फेज की वोटिंग से ठीक पहले याचिकाकर्ता ने मंगलवार देर रात यह रिट याचिका (सिविल) ई-फाइल की. यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देती…

1970 के दशक में पश्चिम बंगाल की छात्र राजनीति में एक लड़की ने कदम रखा। चेहरा साधारण, मगर इरादे बेहद मजबूत। यह थीं ममता बनर्जी। 1975 में नेशनल लेवल के लीडर जय प्रकाश नारायण का विरोध करते हुए ममता ने जब उनकी कार की बोनट पर चढ़कर डांस किया तो वो राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गईं। ये वही जेपी थे, जिनसे खुद इंदिरा गांधी भी बात करने में कई बार सोचती थीं। इसी दौर में वह कांग्रेस में शामिल हुईं। मगर, उनके राजनीतिक सफर में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने 10 बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले दिग्गज माकपा नेता सोमनाथ चटर्जी को जादवपुर सीट से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। यहीं से ममता के बड़े राजनीतिक कदम की शुरुआत हो गई। इसके बाद से ममता ने फिर मुड़कर नहीं देखा। ये वही जादवपुर सीट है, जहां से मौजूदा टीएमसी की सयानी घोष भी सांसद हैं और तृणमूल की स्टार प्रचारक भी हैं, जो पश्चिम बंगाल चुनावों में ममता बनर्जी जैसी साड़ी और चप्पल पहनकर अपने बेबाक भाषणों से छाई हुई हैं।

ममता सी सीरत और सयानी सी सूरत वाली 33 साल की घोष आज ममता बनर्जी से उम्र में करीब-करीब आधी हैं। सयानी भी ममता की तरह सफेद साड़ी और पैरों…

“सामाजिक समरसता सशक्त भारत की नीव है।”-बाबा प्रवीणानंद जी महाराज

“सामाजिक समरसता सशक्त भारत की नीव है” – यह कथन न केवल एक आदर्श वाक्य है, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है। एक…

📰 बड़ी खबर: 8वें वेतन आयोग (8th CPC) और JCM के बीच पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न!नई दिल्ली | 29 अप्रैल, 2026 केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर निकलकर सामने आ रही है। NC-JCM (Staff Side) की स्टैंडिंग कमेटी और 8वें वेतन आयोग के बीच पहली औपचारिक बैठक कल, 28 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई।इस बैठक में श्री शिव गोपाल मिश्रा (सचिव, NC-JCM) के नेतृत्व में कर्मचारी पक्ष ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी प्रमुख मांगों का चार्टर रखा है।🚀 बैठक की मुख्य बातें और बड़ी मांगें:💰 न्यूनतम वेतन ₹69,000: कर्मचारी पक्ष ने मांग की है कि वर्तमान न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए। इसके लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है।📈 सालाना इंक्रीमेंट 6%: वेतन वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने के लिए मौजूदा 3% के बजाय 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की गई है।🏥 भत्तों (Allowances) में 3 गुना वृद्धि: HRA, CEA और रिस्क अलाउंस जैसे सभी भत्तों में 3 गुना बढ़ोतरी की मांग रखी गई है, जिसे महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ा जाएगा।🛡️ पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: NPS और UPS को पूरी तरह वापस लेकर Non-Contributory Pension Scheme (पुरानी पेंशन) को बहाल करने पर कड़ा रुख अपनाया गया है।🎖️ प्रमोशन और ACP: 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी या समयबद्ध पदोन्नति की मांग की गई है।📋 अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव:रिटायरमेंट पर लाभ: EL (अर्जित अवकाश) के नकदीकरण (Encashment) की सीमा को बढ़ाकर 600 दिन करने का प्रस्ताव।नई छुट्टियां: महिलाओं के लिए मेन्स्ट्रुअल लीव और पुरुषों के लिए पैटर्निटी लीव के साथ-साथ विशेष सर्जरी के लिए भी छुट्टियों की मांग।पेंशनभोगियों के लिए OROP: सिविलियन कर्मचारियों के लिए भी One Rank One Pension की तर्ज पर पेंशन संशोधन की मांग।अनुकंपा नियुक्ति: 5% की सीलिंग (सीमा) को हटाकर इसे 100% करने की मांग।⚖️ आयोग का रुख: बैठक की अध्यक्षता कर रहीं माननीय जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने कर्मचारी पक्ष की बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि आयोग विभिन्न विभागों का दौरा करेगा और जमीनी हकीकत को जानकर ही अपनी सिफारिशें देगा। साथ ही, मेमोरेंडम जमा करने की तारीख को 31 मई 2026 तक बढ़ाने के संकेत भी दिए गए हैं।निष्कर्ष: यह बैठक भविष्य के वेतन ढांचे की नींव है। 45 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी अब एक बेहतर और सम्मानजनक वेतन वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

सिख धर्म हिन्दू धर्म का अंग नहीं है!!:- गिआनी दित्त सिंघ

💎💎 महानायक गिआनी दित्त सिंघ का सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक योगदान यह था कि सिख धर्म एक स्वतंत्र, विशिष्ट और पूर्ण धार्मिक परंपरा है—इसे “हिन्दू धर्म का अंग” मानना ऐतिहासिक और…

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अपने अखबार या पत्रिका (Print Media) को केंद्रीय संचार ब्यूरो (Central Bureau of Communication – CBC) से जोड़ने यानी एम्पैनलमेंट (Empanelment) कराने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है।इसके माध्यम से आपके अखबार को सरकारी विज्ञापन मिलने की प्रक्रिया शुरू होती है।जरूरी शर्तें और प्रक्रिया RNI / PRGI रजिस्ट्रेशन: आपके समाचार पत्र के पास प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI / RNI) का वैध पंजीकरण होना चाहिए।नए नियमों के तहत प्रेस सेवा पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाती है।आधिकारिक वेबसाइट: सीबीसी से जुड़ने या आवेदन करने के लिए आपको केंद्रीय संचार ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट https://cbcindia.gov.in पर जाना होगा।ऑनलाइन आवेदन विंडो: सीबीसी समय-समय पर नए प्रकाशनों (Publications) के एम्पैनलमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करता है। जब पोर्टल पर आवेदन विंडो खुली हो, तब आप वेंडर या पब्लिशर पोर्टल पर जाकर अपने अखबार के कागजात और डिटेल्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं। बिना किसी एजेंट के सतर्क रहें:सीबीसी स्पष्ट करता है कि एम्पैनलमेंट पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर होता है। इसके लिए किसी भी एजेंट या बिचौलये को रिश्वत या कमीशन न दें।लेटेस्ट अपडेट्स और आवेदन फॉर्म भरने के लिए सीधा CBC Vendor Login / Website पर विजिट करें।

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