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सीएम डैशबोर्ड समीक्षा: डी श्रेणी वाले विभागों को जिलाधिकारी ने जारी की प्रतिकूल प्रविष्टि

कार्यशैली में सुधार के निर्देश, रैंकिंग खराब करने वाले अधिकारियों को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे: जिलाधिकारी गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार अनिवार्य, नोडल…

पोषण केवल महिलाओं की नहीं, पुरूषों की भी है जिम्मेदारी

राष्ट्रीय पोषण माह 2025: बच्चों के बेहतर विकास के लिए परिवार का हर सदस्य जिम्मेदार बागपत, 10 सितम्बर 2025 – स्वस्थ भारत बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय…

गरीब परिवारों की बेटियों की शादी अब होगी सम्मानजनक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब एक लाख तक का मिलेगा लाभ

सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 51000 से बढ़कर अब ₹100000 की लाभार्थियों को मिलेगा लाभ निराश्रित और जरूरतमंद बेटियों की शादी में सरकार बनेगी सहारा, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं…

. प्रेस नोटमेरठ परिक्षेत्र कार्यालयदिनांक- 11.09.2025

▪️ डीआईजी रेंज मेरठ ने पुलिस लाईन बागपत मे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियो हेतु नवनिर्मित अतिरिक्त क्लासरुम, अतिरिक्त कम्पयूटर कक्ष / पुस्तकालय का किया मुआयना▪️ आरटीसी की मूलभूत…

बड़ौत में खुले रहे बाजार छुट्टी के दिन भी , अधिकारियों का नहीं कंट्रोल, समाजसेवी रोज उठते हैं आवाज लेकिन अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती अधिकारियों के कान हुए बंद आंखें भी नहीं खुल रही मुंह से सिर्फ खाना जा रह

बागपत बड़ोत. 10.9.25।पिछले तहसील दिवस पर डीएम महोदया बागपत को साप्ताहिक मार्केट बंदी के सन्दर्भ में दिए ज्ञापन का नहीं दिखा असर।आज बुधवार साप्ताहिक मार्केट बंदी के दिन बड़ौत का…

पड़ोसी हिंदू देश नेपाल का क्या हश्र हुआ है ये भाजपा RSS अच्छी तरह से देख कर समीक्षा करेनेपाल हिंदू राष्ट्र होने का मुख्य कारण गरीबी बेरोजगारी महंगाई अत्याचार ही हैनेपाल हिंदू राष्ट्र होने के बाद भी तख्ता पलट क्यों हुआ? उसका कारण क्या है?*नेपाल में ब्राह्मण प्रधानमंत्री जब से राजतंत्र का खत्मा हुआ लेकिन राजतंत्र अभी जिंदा है राजतंत्र के आड़ में लोकतंत्र के ऊपर सिर्फ ब्राह्मणों का कब्जा आज भी है क्योंकि अभी तक प्रधानमंत्री तो हैं लेकिन घुमा फिरा कर ब्राह्मण ही होता आया है और आज भी है अभी तक नेपाल का संविधान नहीं लिखा गया है ?लेकिन राजा के अंदर में चुनाव हो रहा हैजब से नेपाल में चुनाव सिस्टम आया है तब से अभी तकके पी ओली चार बार पीएम बना है*राष्ट्रपति उप राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सेना के सभी पदों पर ठाकुर/क्षत्रियकितना जातिवाद है सिर्फ ब्राह्मणों बनियों और क्षत्रियों का कब्जा हैइसलिए बेरोजगारी चरम पर भ्रष्टाचार चरम पर था वहां के दलित समाज पिछड़ा समाज सभी का सिर्फ शोषण किया जा रहा थावहां के आम लोगों की शोषण हो रहा था इसलिए नौजवान रोजगार के लिए सड़क पर आंदोलन किया 20 लोगों की हत्या किया सुप्रीम कोर्ट में भी वही ब्राह्मणवादी लोग थे इसलिए परिवर्तन के लिए लोग आंदोलन किया है हत्या होने के बाद पीएम राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति सभी का घरों पर कब्जा कर लिया गया है राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मी ने गोली चलाया 20 लोग मारे जाने के बाद दंगा भड़क गया पीएम राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति सभी के आवास में आग लगा दिया गया ब्राह्मणवाद स्वर्णिम काल से गुजर रहा था लेकिन जनता जनार्दन है पीएम ओली राष्ट्रपति सभी फरार हो गएतख्ता पलट अभियान अफगानिस्तान से होते हुए श्रीलंका पाकिस्तान बंगलादेश से होते हुए अब नेपाल में तांडव किया तख्ता पलट 9 सितम्बर को हो गया*आस पास पड़ोसी देश में तख्ता पलट हो चुकी 3[10/09, 3:53 pm] Bpl Riwa Anand Nishad: *अब उस तख्ता पलट अभियान की आग भारत में होगा जो हो सकता है कई दिनों तक चलेगा पीएम राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति मंत्री सभी का तो हो सकता है उस तख्ता पलट अभियान में यहां जो भाजपा RSS के नेता हैं उनकी कुटाई पिटाई हो सकती है धैर्य रखिए जय निषाद राज जय सम्राट अशोक जय भारत*[10/09, 3:53 pm] Bpl Riwa Anand Nishad: भारत में तख्ता पलट के बाद संविधान संशोधन हो सकता है दोहरे वोट का अधिकार बहाल हो सकता है जय निषादराज सुरेश निषाद के कलम से

Bpl Riwa Anand Nishad: पड़ोसी हिंदू देश नेपाल का क्या हश्र हुआ है ये भाजपा RSS अच्छी तरह से देख कर समीक्षा करेनेपाल हिंदू राष्ट्र होने का मुख्य कारण गरीबी…

वर्तमान में बेहिसाब बढ़ते उम्र में शादी-विवाह करने की परंपरा पर यह एक काल्पनिक लेकिन बहुत ही प्रेरक लेख है। इसे अवश्य पढ़े।हो सकता है कि कुछ सदस्यों के लिए यह प्रासंगिक नहीं हो लेकिन सभी समाजों में वर्तमान पीढ़ी के अधिकांश युवाओं की सोच में जो परिवर्तन आया है या जो वास्तविकता है उसको विशुद्ध रूप से इस काल्पनिक आर्टिकल के माध्यम से चित्रित करने की एक कोशिश की गयी है!

शादी है या समझौता copy paste अगर पसंद नहीं आये या प्रासंगिक नहीं लगे तो कृपया इग्नोर करें :- 18 से 22 साल की उम्र में जब शरीर का यौवन…

केंद्र व राज्य सरकार पत्रकार को सम्मान सुरक्षा सैलरी पेंशन दे, सुभाष रकवार

मध्य प्रदेश। निवाड़ी,देशभर में आज पत्रकार निशाने पर आ रहे हैं पुलिस की खबर ना लिखे तो पुलिस बदतमीजी झूठे मुकदमे करने से नहीं चूकती अधिकारियों के बारे में सही…

🌹🌹🇮🇳जय हिन्द 🇮🇳🌹🌹क्या भारत के नेताओं ने अपनी कुर्सी के लिए अपना इमान बेच दिया है?क्या नितीश कुमार और चंद्र बाबू का रौल आज मक्कारी भरा नहीं है?क्या भारत मुर्दों का देश है?क्या भारत मे अंध भक्त ही रहेंगे?क्या भारत की मीडिया इसी तरह पैसे लेकर खबर करती रहेगी?क्या देश का प्रधानमंत्री इसी तरह झूट पर झूठ बोलता रहेगा?क्या देश में बलात्कारियों को बरी करते रहेंगे?क्या देश में बाबा राम रहीम जैसे बलात्कारी और हत्यारे को पैरोल पर पैरोल मिलती रहेगी?कब तक उच्च पदों बैठे लोग अपने फ़ायदे के लिए देश के लोकतंत्र को बेचते रहेंगे।क्या देश कि प्रधानमंत्री इसी तरह कर्जा लेकर देश चलायेगा?क्या कोई संस्था कर्ज पर संज्ञान लेकर तानाशाह सरकार से सवाल करेगी आखिर कब तक कर्ज लेकर देश में भ्रष्टाचार होगा ये सब सवाल है जिसे हर भारतीय ने सड़क पर उतर कर सरकार से सवाल करना चाहिए वरना ये भारत देश मुर्दों का देश है।सुरेन्द्र पहलवान पूर्व फौजी

क्या भारत के नेताओं ने अपनी कुर्सी के लिए अपना इमान बेच दिया है?क्या नितीश कुमार और चंद्र बाबू का रौल आज मक्कारी भरा नहीं है?

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान में हर नागरिक का सुझाव है जरूरी

नागरिकों ने दिए सुझाव: नागरिक–प्रशासन संवाद को मजबूत कर इंपैक्ट डिलीवरी सिस्टम में भागीदारी पर जोर युवा, शिक्षाविद, महिलाएं, श्रमिक: सभी ने मिलकर लिखा विकसित यूपी के विजन 2047 का…

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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