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झिझक टूटी, भरोसा बढ़ा… HPV टीकाकरण में बागपत ने लिखी सफलता की नई कहानी

प्रदेश के औसत से ढाई गुना आगे निकला बागपत, जिलाधिकारी ने खुद HPV टीका लगवाकर दिया था भरोसे का संदेश

15,885 के लक्ष्य में 13,024 किशोरियों को सुरक्षा कवच; उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आशा बहनों का सम्मान

बागपत 06 अगस्त 2026 — एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में बागपत ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। 82 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज के साथ जनपद ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे दिन-रात मेहनत करने वाली पांच आशा कार्यकर्ताओं को आज बागपत कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सम्मानित किया। वहीं अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुरुचि शर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिनौली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) प्रवीण कुमार को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर नई पहचान बनाई है, लेकिन अब लक्ष्य यहीं रुकना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को अभियान में और तेजी लाकर जनपद को प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

प्रदेश स्तर पर 5 अगस्त 2026 तक जारी एचपीवी टीकाकरण प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जनपद बागपत में 15,885 पात्र किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष अब तक 13,024 किशोरियों को जीवनरक्षक एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिससे जनपद ने 82 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में केवल हाथरस (93.3 प्रतिशत) ही बागपत से आगे है, जबकि अंबेडकर नगर (72 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर है। खास बात यह है कि जहां पूरे उत्तर प्रदेश में 24,39,207 पात्र किशोरियों के लक्ष्य के मुकाबले 7,68,946 किशोरियों का टीकाकरण हो सका है और प्रदेश का औसत प्रदर्शन 31.5 प्रतिशत है, वहीं बागपत ने इस औसत से ढाई गुना अधिक उपलब्धि हासिल कर प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

ब्लॉकवार उपलब्धि पर नजर डालें तो सबसे बेहतर प्रदर्शन बागपत और बड़ौत ब्लॉक का रहा। बागपत ब्लॉक में 1,979 के लक्ष्य के सापेक्ष 1,975 किशोरियों (99.8%) का टीकाकरण किया गया, जबकि बड़ौत ब्लॉक में 2,596 के लक्ष्य के मुकाबले 2,589 किशोरियों (99.7%) को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। बिनौली ब्लॉक भी लगभग शत-प्रतिशत उपलब्धि के साथ आगे रहा, जहां 2,763 के लक्ष्य के सापेक्ष 2,754 किशोरियों (99.7%) का टीकाकरण हुआ। वहीं छपरौली ब्लॉक में 1,931 के लक्ष्य के मुकाबले 1,407 (72.9%), पिलाना में 2,075 के सापेक्ष 1,438 (69.3%) तथा खेकड़ा ब्लॉक में 2,272 के लक्ष्य के मुकाबले 1,823 किशोरियों (80.2%) का टीकाकरण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जिन ब्लॉकों में लक्ष्य शत-प्रतिशत से कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर शेष पात्र किशोरियों का जल्द टीकाकरण कराया जाएगा, ताकि जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर सके।

जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, चिकित्सा अधिकारियों तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत सभी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत को दिया। अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य टीम की योजनाबद्ध कार्यशैली, नियमित मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कोई भी पात्र किशोरी एचपीवी टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी सुरक्षा कवच है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक पात्र किशोरी तक पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि बागपत प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सके।

घर-घर पहुंचीं आशा बहनें, तब मिली यह सफलता

अभियान की सफलता के पीछे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आशा कार्यकर्ताओं की रही। उन्होंने गांव-गांव और घर-घर जाकर पात्र किशोरियों की पहचान की, अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क किया, एचपीवी संक्रमण एवं सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का महत्व समझाया तथा टीके को लेकर फैली भ्रांतियों और अफवाहों को दूर किया। जिन परिवारों ने शुरुआती दौर में संकोच जताया, वहां बार-बार संपर्क कर उन्हें जागरूक किया गया। लगातार फॉलोअप, प्रेरणा और जनजागरूकता के कारण हजारों किशोरियों तक समय पर जीवनरक्षक टीका पहुंच सका।

इन्हीं उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए सम्मान समारोह में बिनौली ब्लॉक के ग्राम बामनौली की आशा कार्यकर्ता श्रीमती सोनिया एवं श्रीमती सुनीता कश्यप, बड़ौत ब्लॉक के ग्राम शबगा की श्रीमती अनीता, बागपत ब्लॉक के गांधी क्षेत्र की श्रीमती अर्चना तथा बड़ौत अर्बन क्षेत्र की श्रीमती सरिता को एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य, जनजागरूकता फैलाने और पात्र किशोरियों तक टीकाकरण सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र, शॉल एवं मिक्सर ग्राइंडर प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने उनके समर्पण, सेवा-भाव और अथक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि इन आशा कार्यकर्ताओं के प्रयासों ने जनपद को प्रदेश में दूसरा स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बेहतर रणनीति और मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों का भी सम्मान

अभियान के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुरुचि शर्मा, सीएचसी बिनौली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार तथा बीपीएम प्रवीण कुमार को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने माइक्रोप्लानिंग, टीम समन्वय, नियमित समीक्षा, फील्ड मॉनिटरिंग तथा टीकाकरण सत्रों के प्रभावी संचालन के माध्यम से अभियान को गति प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप बागपत प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंचा।

खुद आगे बढ़कर दिया भरोसे का संदेश

एचपीवी टीकाकरण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और झिझक को दूर करने के लिए जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने केवल प्रशासनिक स्तर पर अभियान की निगरानी ही नहीं की, बल्कि स्वयं भी विभिन्न विद्यालयों और टीकाकरण स्थलों पर पहुंचकर छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने एचपीवी वैक्सीन की सुरक्षा और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में इसकी उपयोगिता के बारे में जागरूक किया। स्वयं एचपीवी टीकाकरण कराकर उन्होंने लोगों के बीच विश्वास का संदेश दिया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और बेटियों के स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनके इस नेतृत्वकारी और प्रेरक कदम ने टीकाकरण को लेकर बनी झिझक को दूर करने तथा अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्यपाल से भी मिल चुका है सम्मान

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा उन्हें भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे जनपद के स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं तथा अभियान से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की मेहनत और समर्पण का सम्मान है। इसी टीमवर्क के बल पर बागपत ने प्रदेश में नई पहचान बनाई है।

‘दूसरे स्थान पर नहीं रुकना, अब पहला लक्ष्य’

सम्मान समारोह में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि बागपत ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर यह साबित किया है कि यदि टीम भावना और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो कठिन लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अभियान को और अधिक गति दी जाए, शेष पात्र किशोरियों का शीघ्र टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा अगले चरण में बागपत को प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का मजबूत अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम सभाओं तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र किशोरी जानकारी के अभाव या भ्रांतियों के कारण टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि बागपत की यह उपलब्धि भविष्य के सभी स्वास्थ्य अभियानों के लिए प्रेरणा बनेगी। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और जनपद को प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंचाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही सम्मानित आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य टीम का यह सम्मान भविष्य में भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को भी मिली नई मजबूती, तीन ब्लॉकों को मिली सीटीजी मशीन

एचपीवी टीकाकरण अभियान की सफलता के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं की बेहतर निगरानी के लिए बागपत, पिलाना और बड़ौत विकासखंडों को कार्डियोटोकोग्राफी (सीटीजी) मशीन उपलब्ध कराई गई। यह अत्याधुनिक मशीन गर्भस्थ शिशु की हृदय गति (फीटल हार्ट रेट) की नियमित और सटीक निगरानी करने के साथ-साथ गर्भाशय संकुचन की भी जांच करती है, जिससे गर्भावस्था के दौरान किसी भी संभावित जोखिम या जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके। इन मशीनों के माध्यम से चिकित्सकों को प्रसव पूर्व उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की बेहतर मॉनिटरिंग में सहायता मिलेगी, समय पर चिकित्सकीय निर्णय लिए जा सकेंगे तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर सुरुचि शर्मा ,डिप्टी सीएमओ डॉक्टर रोबिन ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर विभास राजपूत सहित आदि अधीक्षक उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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