इस दौरान संबंधित सेवायोजकों (नियोक्ताओं) के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणियां जारी करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।
सहायक श्रम आयुक्त एम. एल. पाल ने कहा कि “बाल एवं किशोर श्रम कराना कानूनन अपराध है। बच्चों का स्थान कार्यस्थल नहीं, बल्कि विद्यालय है। बाल श्रम कराने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा जनपद में ऐसे संयुक्त अभियान निरंतर जारी रहेंगे।”
संयुक्त अभियान में श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रदीप कुमार, थाना एएचटीयू से प्रभारी महेंद्र पाल सिंह एवं उनकी टीम, चाइल्ड हेल्पलाइन से केस वर्कर मोहित कुमार तथा ग्रामिण समाज विकास केंद्र/Just Rights for Children की ओर से गजेंद्र सिंह, अमित एवं राहुल शामिल रहे। अभियान के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए भविष्य में बाल एवं किशोर श्रमिकों को नियोजित न करने के निर्देश दिए गए।