विभागों के स्टॉल्स पर किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी, कृषि विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
बागपत दिनांक 04 अगस्त 2026 — कृषि विभाग की ओर से मंगलवार को लोकमंच, कलक्ट्रेट बागपत में कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम (आत्मा) तथा त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत खरीफ गोष्ठी/किसान मेला वर्ष 2026-27 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया। मेले में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं मिलेट्स (श्रीअन्न) की प्रदर्शनी ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न विकास खंडों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। किसानों को खरीफ सीजन में फसलों की बेहतर उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा कृषि यंत्रीकरण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर खेती करने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किसानों से श्रीअन्न (मिलेट्स) जैसी पोषक एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में ऐसी फसलें भविष्य की आवश्यकता हैं। वहीं फॉर्मर रजिस्ट्री एवं अन्य योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि उपनिदेशक विभाति चतुर्वेदी ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम (आत्मा) का उद्देश्य किसानों तक नई कृषि तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने किसानों से विभागीय प्रशिक्षण, उन्नत बीजों के प्रयोग, फसल विविधीकरण तथा प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मिलेट्स प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया। प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के श्रीअन्न, उनसे तैयार उत्पादों तथा उनके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी गई। किसानों एवं आगंतुकों ने प्रदर्शनी में विशेष रुचि दिखाई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे अनाज कम पानी में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ पोषण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं।
खरीफ गोष्ठी में त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मक्का की उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, पौध संरक्षण उपायों तथा बेहतर बाजार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि नवाचार, कृषि यंत्रीकरण, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन और आधुनिक खेती से जुड़ी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कृषि विभाग से नियमित तकनीकी सलाह लेने की भी अपील की।
मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, बैंक तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर किसानों को विभिन्न योजनाओं, कृषि यंत्रों, बीज, उर्वरक, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और नई तकनीकों के प्रति उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने, वैज्ञानिक खेती अपनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यवहार में लाने का आह्वान किया गया। आयोजन में कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से संवाद कर खरीफ सीजन की तैयारियों और खेती को अधिक लाभकारी बनाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।