मेले में अब हर कदम पर मददगार होंगे वालंटियर्स, जिलाधिकारी ने सौंपा सेवा का जिम्मा
आस्था के साथ सेवा का संकल्प दोहराएंगे युवा, 100 सिविल डिफेंस वालंटियर्स संभालेंगे मोर्चा
बागपत दिनांक 27 जुलाई 2026 — ऐतिहासिक परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में लगने वाले श्रावणी शिवरात्रि मेले और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन अब केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इस बार मेले में ‘सेवा भाव आधारित इम्पैक्ट डिलीवरी सिस्टम’ विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगे। इसी उद्देश्य से आज विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सिविल डिफेंस के 100 स्वयंसेवकों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका तय की और विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता केवल पुलिस बल या प्रशासनिक इंतजामों से नहीं मापी जाती, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि श्रद्धालु अपने पूरे प्रवास के दौरान कितना सुरक्षित, सम्मानजनक और सहज अनुभव लेकर लौटता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि वे वर्दी पहनकर केवल ड्यूटी निभाने नहीं, बल्कि ‘सेवा भाव’ के साथ मैदान में उतरें। उनकी मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए भरोसे का माध्यम बने और आवश्यकता पड़ने पर सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने वाला चेहरा भी।
प्रशासन ने स्वयंसेवकों को मेले के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात करने की रूपरेखा तैयार की है। ये स्वयंसेवक गर्भगृह में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, कतार प्रबंधन, श्रद्धालुओं को सही मार्गदर्शन देने, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों की सहायता, खोया-पाया संबंधी मामलों में सहयोग, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी तथा आपात स्थिति में प्रशासन और पुलिस के बीच त्वरित समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्देश्य यह है कि छोटी-छोटी समस्याएं मौके पर ही हल हो जाएं और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि वे केवल व्यवस्था संभालने वाले कर्मी नहीं होंगे, बल्कि प्रशासन के ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में कार्य करेंगे। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है, कोई बच्चा परिजनों से बिछड़ जाता है, भीड़ का दबाव अचानक बढ़ता है या किसी स्थान पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है तो सबसे पहले यही स्वयंसेवक मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेंगे और संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देंगे। इससे निर्णय लेने और राहत पहुंचाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में युवाओं की ऊर्जा यदि सेवा कार्यों से जुड़ जाए तो उसका प्रभाव सीधे श्रद्धालुओं तक पहुंचता है। सिविल डिफेंस के युवा स्वयंसेवक अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु प्रशासन की व्यवस्था को सबसे पहले स्वयंसेवकों के व्यवहार और सहयोग से महसूस करेगा, इसलिए विनम्रता, धैर्य और सकारात्मक संवाद उनकी सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
बैठक में जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने स्वयंसेवकों को ‘डिजिटल वालंटियर’ की भूमिका निभाने का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान सही सूचना का समय पर प्रसार जितना जरूरी है, उतना ही अफवाहों पर रोक लगाना भी। इसके लिए प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ने और श्रद्धालुओं को जोड़ने पर जोर दिया गया।
प्रशासन इस बार मेले को समन्वित जनसेवा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, नगर निकाय, परिवहन और सिविल डिफेंस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया है, ताकि हर विभाग की सेवाएं एक-दूसरे की पूरक बन सकें। अधिकारियों का मानना है कि जब अलग-अलग विभाग एकीकृत प्रणाली के तहत काम करते हैं तो व्यवस्थाओं का प्रभाव सीधे श्रद्धालुओं तक पहुंचता है और शिकायतों की संख्या स्वतः कम हो जाती है।
बैठक के दौरान स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि इस वर्ष मेले में जीरो वेस्ट थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी तथा सभी स्वयंसेवक भी स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को व्यवहार में उतारते हुए श्रद्धालुओं को जागरूक करेंगे। प्रशासन चाहता है कि आस्था और जिम्मेदारी दोनों एक साथ मेले की पहचान बनें।
गौरतलब है कि इससे पहले जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय पुलिस लाइन में मंदिर समिति, कांवड़ शिविर संचालकों, डीजे संचालकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, विद्युत, अग्नि सुरक्षा और कानून व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी, डिप्टी कलक्टर, अधिशासी अधिकारी खेकड़ा हरीलाल पटेल, अधिशासी अधिकारी रटौल आस्था पाठक, आपदा विशेषज्ञ अश्वनी कुमार, नमामि गंगे समन्वयक दीपक शर्मा, राज्य युवा पुरस्कार विजेता अमन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत