सूचना विभाग का डिजिटल इनोवेशन, लाखों शिवभक्तों के लिए डिजिटल सौगात
बागपत में कांवड़ यात्रा हुई स्मार्ट, अब एक क्लिक पर श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधाओं की जानकारी
क्यूआर कोड आधारित ‘कांवड़ यात्रा एप’ बनेगा श्रद्धालुओं का डिजिटल सारथी

बागपत, 27 जुलाई 2026। ऐतिहासिक परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में लगने वाले श्रावणी शिवरात्रि मेले और कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार आस्था के साथ डिजिटल तकनीक का भी अनूठा संगम दिखाई देगा। मेला क्षेत्र और कांवड़ यात्रा को डिजिटल रूप से जोड़ते हुए जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में सूचना विभाग ने क्यूआर कोड आधारित ‘कांवड़ यात्रा एप’ तैयार किया है। इस एप के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक क्लिक पर कंट्रोल रूम, मेडिकल सहायता, अग्निशमन सहायता, सार्वजनिक शौचालय, कांवड़ यात्रा मार्ग एवं श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर परिसर के डिजिटल मैप सहित अनेक आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बागपत कलेक्ट्रेट से काँवड यात्रा एप को लॉन्च किया।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों में श्रद्धालुओं तक सही समय पर सही जानकारी और त्वरित सहायता पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण होता है। सूचना विभाग द्वारा विकसित किया गया कांवड़ यात्रा एप इसी सोच का परिणाम है, जो लाखों शिवभक्तों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल साथी बनेगा। जिलाधिकारी ने एप के तकनीकी विकास में माय भारत स्वयंसेवक अमन कुमार के स्वैच्छिक सहयोग की भी प्रशंसा की।
जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने बताया कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं तक समय पर प्रमाणिक सूचना और त्वरित सहायता पहुंचाना होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग ने कांवड़ यात्रा एप को एक एकीकृत डिजिटल जनसुविधा मंच के रूप में विकसित किया है। उन्होंने कहा कि एप का उद्देश्य केवल जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं, प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को अधिक प्रभावी बनाते हुए सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाना है।
तकनीकी विशेषज्ञ एवं माय भारत स्वयंसेवक अमन कुमार ने बताया कि एप को विकसित करते समय तकनीक से अधिक उपयोगकर्ता की सुविधा को प्राथमिकता दी गई। इसी कारण इसे क्यूआर कोड आधारित बनाया गया है, ताकि कोई भी श्रद्धालु बिना अलग एप डाउनलोड किए कुछ ही सेकंड में सभी आवश्यक सेवाओं और सूचनाओं तक पहुंच सके।
इस अभिनव पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह शून्य लागत में विकसित किया गया है। आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) आधारित डिजिटल टूल्स का उपयोग करते हुए इसे महज 24 घंटे में तैयार किया गया।
अब श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा linktr.ee/KanwarYatra2026 के माध्यम से सीधे कांवड़ यात्रा एप तक पहुंच सकेंगे। इससे वे यात्रा शुरू करने से पहले ही पूरे मेला क्षेत्र, कांवड़ मार्ग और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एप की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक वन-क्लिक कंट्रोल रूम कनेक्ट सुविधा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु किसी भी आपात स्थिति, स्वास्थ्य समस्या, दुर्घटना, रास्ता भटकने अथवा अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
एप में शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी श्रद्धालु को भोजन की गुणवत्ता या अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत हो तो वह सीधे एप के माध्यम से संबंधित विभाग तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेगा, जिस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं आग लगने जैसी आपात स्थिति में अग्निशमन विभाग से तत्काल संपर्क करने की सुविधा भी एप में उपलब्ध कराई गई है।
एप में श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर परिसर और कांवड़ यात्रा मार्ग का डिजिटल मैप भी जोड़ा गया है। इसके माध्यम से श्रद्धालु पेयजल केंद्र, भंडारा स्थल, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, मेडिकल सहायता केंद्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की लोकेशन आसानी से देख सकेंगे। विशेष रूप से बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित होगी।
हर वर्ष श्रावणी शिवरात्रि के अवसर पर पुरा महादेव मंदिर में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िये इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसी विशाल जनसमूह को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमाणिक जानकारी एक ही मंच पर देने के उद्देश्य से यह डिजिटल पहल की गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान स्थापित मेडिकल सहायता केंद्रों की जानकारी भी एप में उपलब्ध रहेगी। साथ ही श्रद्धालु प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सएप चैनल से भी सीधे जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें कांवड़ यात्रा से संबंधित केवल प्रमाणिक सूचनाएं, आवश्यक अपडेट और आधिकारिक खबरें एक ही मंच पर प्राप्त होंगी तथा भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से बचने में भी मदद मिलेगी।
इस वर्ष जनपद की प्रवेश सीमाओं, प्रमुख कांवड़ यात्रा मार्गों तथा पुरा महादेव मंदिर परिसर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु आसानी से एप से जुड़ सकें। श्रावणी शिवरात्रि मेला और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निकाय, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वित तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान इस एप का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे उन्हें आवश्यक सुविधाओं, प्रमाणिक सूचनाओं और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी तथा उनकी यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बन सकेगी।
कांवड़ यात्रा एप: linktr.ee/KanwarYatra2026
एक नजर में: कांवड़ यात्रा एप की खास सुविधाएं
- वन-क्लिक कंट्रोल रूम – आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क
- मेडिकल सहायता – नजदीकी चिकित्सा सेवाओं और हेल्प की जानकारी
- अग्निशमन सहायता – आग लगने की स्थिति में तत्काल संपर्क सुविधा
- भोजन शिकायत – भोजन की गुणवत्ता संबंधी शिकायत सीधे दर्ज करने की सुविधा
- कांवड़ यात्रा मार्ग का डिजिटल मैप – पूरे रूट की आसान जानकारी
- पुरा महादेव मंदिर परिसर का डिजिटल मैप – मंदिर परिसर की डिजिटल गाइड
- सार्वजनिक शौचालय – शौचालयों की लोकेशन एक क्लिक पर
- आधिकारिक सोशल मीडिया लिंक – फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सएप चैनल से सीधा जुड़ाव
- क्यूआर कोड आधारित एक्सेस – डाउनलोड की जरूरत नहीं, स्कैन करते ही खुल जाएगा एप
सूचना विभाग बागपत