सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे फर्जी रसीद काटकर चंदा देने वालों से पैसे भी ऐंठ लेते थे। शुरुआत में टिन्नू, लवकुश, करुणेश, अनुकल्प समेत अन्य आरोपी जब कोई मंदिर में दान देने की इच्छा जताता था, तो उसे रसीद के तौर पर यह फर्जी रसीद दे देते थे, ताकि किसी को शक न हो। अब नई व्यवस्था के तहत रसीद ऑनलाइन मिलती है, इसलिए इन लोगों ने इन रसीदों का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था।