वारदात के मुख्य आरोपी दीपक उर्फ दीपू व अन्य को नहीं मिली राहत, निष्पक्ष जांच जारी रखने के निर्देश
बागपत/प्रयागराज। थाना बड़ौत में दर्ज केस संख्या 402/2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिनांक 08-07-2026 को आरोपी दीपक उर्फ दीपू एवं राजेश @राजू द्वारा दाखिल एफआईआर निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से भी इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि आत्मरक्षा का दावा जांच और ट्रायल के दौरान परखा जाएगा।
यह मामला वरुण लुहारी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें थाना बड़ौत पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के भजनलाल और नीहारिका इंफ्रास्ट्रक्चर मामलों का हवाला देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला जांच योग्य है। ऐसे में एफआईआर रद्द करने या गिरफ्तारी से संरक्षण देने का कोई आधार नहीं बनता।
वादी पक्ष के अधिवक्ता सोमेंद्र ढाका ने बताया कि माननीय हाईकोर्ट ने आरोपी पक्ष की सभी दलीलों को इस स्तर पर स्वीकार करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि अदालत ने साफ किया है कि आत्मरक्षा का दावा विवेचना और ट्रायल के दौरान ही परखा जाएगा। साथ ही पुलिस को निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद आरोपी पक्ष को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और अब मामले की विवेचना कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।


