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विश्वगुरु कौन था ? किसकी शिक्षाएँ विश्व भर में अनूदित हुईं ? किसे विश्व भर में शिक्षा देने के लिए बुलाया गया ? जाहिर है कि वे बौद्ध थे ।

गुणवर्मन, गुणभद्र, प्रज्ञारुचि, उपशून्य, ज्ञानभद्र, बुद्धभद्र, कमलशील, ज्ञानप्रभ, चित्रगुप्त जैसे हजारों बौद्ध विद्वान यूनान, तुर्की और मध्य एशिया से लेकर समूचे पूर्वी एशिया के देशों में शिक्षा देने के लिए बुलाए गए जिसमें एक भी बौद्धेतर विचारक शामिल नहीं हैं।

विश्वगुरु कौन था ?

बुद्ध और उनके बुद्धिज्म से दुनिया ने बहुत कुछ सीखा है।

अरब के मुल्कों ने बुद्धिज्म से ही अंक – प्रणाली सीखी है।

चीन ने मार्शल आर्ट सीखा है।

श्रीलंका ने शील सीखा है।

यूरोप ने कार्य – कारण सिद्धांत सीखा है।

जापान ने काताकाना और हिराकाना अक्षरमालाएँ बनाई हैं।

अमेरिका ने संघ – प्रणाली सीखी है।

बर्मा, स्याम, जावा, कंबोडिया आदि देशों ने संशोधित धम्म लिपि को अपनाया है।

नेपाल, तिब्बत, म्यांमार आदि पड़ोसी देशों ने अनेक पांडुलिपियाँ संरक्षित कर गुरु वाणी को बचाए रखा है।

दुनिया के अनेक देशों ने विपस्सना सीखी है।

दुनिया के अनेक देशों ने अपनी – अपनी भाषा में बुद्ध – वाणी का अनुवाद किए हैं।

दुनिया के अनेक देशों के छात्रों ने भारत के बौद्ध विहारों में शिक्षा ग्रहण की है।

यदि भारत विश्व गुरु था तो वह बुद्ध के बलबूते था।

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