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राष्ट्रीय पोषण माह 2025: बच्चों के बेहतर विकास के लिए परिवार का हर सदस्य जिम्मेदार

बागपत, 10 सितम्बर 2025 – स्वस्थ भारत बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय पोषण अभियान का आठवां संस्करण इस वर्ष पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसके तहत इस बार विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि पोषण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुरुषों को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह अभियान भारत सरकार के निर्देशानुसार हर साल सितम्बर माह में पूरे देश में जन-जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

इस वर्ष पोषण माह की मुख्य थीम में शामिल है – मोटापा रोकना, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, बच्चों के पोषण से जुड़ी सही आदतें, पुरुष सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान। इसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरी बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार लाना है।

जिलाधिकारी बागपत ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी जागरूक किया। उन्होंने सभी पुरुषों से अपील की कि वे अपने परिवार में पोषण संबंधी जिम्मेदारी निभाएं। बच्चों के टीकाकरण, आहार योजना बनाने और उन्हें अच्छे पोषण की आदत सिखाने में पुरुषों की भागीदारी को जरूरी बताया। इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि सामाजिक मान्यताओं में बदलाव आएगा और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से इस बार पोषण अभियान को पर्यावरण से भी जोड़ा गया है। नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने बच्चे के नाम पर एक पेड़ लगाएं। इससे न केवल प्रकृति की हरियाली बढ़ेगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित होगा। यह कदम पोषण और स्वास्थ्य को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास है।

बागपत में गर्भवती महिलाओं से लेकर 6 साल से कम उम्र के बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिशु का मात्र स्तनपान, टीकाकरण और बहुरंगी पोषक आहार के सेवन के लिए जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा, बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ने के लिए खेल-खेल में पढ़ाई की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि छोटे बच्चों का संपूर्ण विकास सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि इस अभियान में पुरूषों की भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी। जब पिता भी बच्चे के पोषण की योजना में रुचि लेंगे, तो परिवार में संतुलित निर्णय बनेंगे। इसके लिए सरकार भी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि हर घर में पोषण को लेकर व्यवहार परिवर्तन हो और यह समाज का साझा आंदोलन बन जाए।

समस्त प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन मिलकर जनपद बागपत को सुपोषित बागपत के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे इस अभियान में पूरी तरह से सहयोग दें और हर घर को स्वस्थ और मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

सूचना विभाग बागपत

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