देश के लिए शहीद हुए सैनिकों में हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार,4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र),5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार,851 लाइट रेजिमेंट के एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनाइक,237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह और 39 विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु सेना मेडल) शामिल हैं। इन सैनिकों के नाम मेमोरियल की ‘वॉल 3D’ के उस सेक्शन में उकेरे गए हैं जो देश की सेवा में अपनी जान देने वाले सैनिकों को समर्पित है।
अब सवाल ये है कि हमारे रक्षा मंत्री तो सीना तान कर बोल रहें थे कि कोइ शहीद नहीं हुआ..तो ये शहीद कौनसे देश के है..? मोदी जी के खून में तो सिंदूर बह रहा था फिर ये ये शहीद हुए सैनिक किस का सिंदूर थे।मतलब इनके शहीद होने की खबर को अभी तक गायब कर रखा था,आजतक सार्वजनिक ही नही किए ?
84 साल के NSA तो कह रहे थे कि खिड़की के कांच भी नही टूटे तो फिर इन शहीदों के मां-बाप भाईबहन पत्नी के दिल किसने तोड़े,.?
मतलब इतना बड़ा झूठ आप देश से बोलते रहे और इनके शहीद होने की खबरो को छिपाकर वोट मांगते रहें,अचरज की बात है पूरा आपरेशन वायुसेना ने किया और शहीद सभी indian army के जवान हुए,और यही नही सरकार की नर्लजता देखिए सबको वीर चक्र नहीं,मरने के बाद भी सरकार ने अपनी नीयत में खोट दिखा दिया ?

