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  1. घटना एवं प्राथमिक सूचना का विवरण
    महोदय, अवगत कराना है कि आज दिनांक 15 जून 2026 को जरिए मुखबिर/रेलवे स्टाफ सूचना प्राप्त हुई कि दिल्ली से कासमपुर खेड़ी रेल मार्ग पर, कासमपुर खेड़ी के जंगल में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त व्यक्ति संभवतः दिल्ली से कासमपुर खेड़ी आने वाली अथवा यहाँ से जाने वाली किसी ट्रेन से गिरकर या उसकी चपेट में आने से गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
  2. चिकित्सालय में दाखिला व मृत्यु
    सूचना पर तत्काल पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुँचकर उक्त घायल अज्ञात व्यक्ति को एम्बुलेंस/सरकारी वाहन की मदद से उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), बड़ौत ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों द्वारा उक्त अज्ञात व्यक्ति का गहन परीक्षण करने के उपरांत उसे मृत घोषित (Brought Dead) कर दिया गया। डॉक्टर साहब द्वारा जारी मेमो के आधार पर शव को पंचायतनामा (इन्क्वेस्ट) की कार्रवाई और शिनाख्त हेतु मर्चरी (शवगृह) में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
  3. मृतक का भौतिक हुलिया (शव व तस्वीर के निरीक्षण के आधार पर)
    संभावित आयु: करीब 60 से 65 वर्ष (बुजुर्ग/वृद्ध व्यक्ति)
    रंग व त्वचा: गेहुआं से सांवला (चेहरे पर झुर्रियां व उम्र का असर)
    चेहरा व नाक: लंबा चेहरा, सामान्य से थोड़ी चौड़ी नाक
    बाल: सफेद और छोटे बाल (माथे के आगे के हिस्से में हल्का गंजापन)
    दाढ़ी-मूंछ: हल्की बढ़ी हुई सफेद दाढ़ी और बारीक मूंछ (खिचड़ी बाल)
    पहने हुए कपड़े: सफेद/क्रीम रंग का हल्के बारीक धारीदार पैटर्न वाला कुर्ता (बटनदार कॉलर) और नीचे सफेद पायजामा/धोती।
    शारीरिक बनावट: सामान्य से इकहरा बदन, दोनों हाथ छाती पर मुड़े हुए।
  4. जामा तलाशी एवं बरामदगी (Fard Talashi)
    मृतक के कपड़ों की नियमानुसार तलाशी (जामा तलाशी) के दौरान कोई भी ऐसा पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल या रेल टिकट) बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी पहचान स्थापित हो सके। मृतक पूर्ण रूप से अज्ञात है। शाम 06 बजे करीब 15.6.26 वायरल बाय बागपत पुलिस किशनपुर बिराल

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एक चूहा एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था।एक दिन चूहे ने देखा कि उस कसाई और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ निकाल रहे हैं। चूहे ने सोचा कि शायद कुछ खाने का सामान है।उत्सुकतावश देखने पर उसने पाया कि वो एक चूहेदानी थी।ख़तरा भाँपने पर उस ने पिछवाड़े में जा कर कबूतर को यह बात बताई कि घर में चूहेदानी आ गयी है।कबूतर ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि मुझे क्या? मुझे कौन सा उस में फँसना है?निराश चूहा ये बात मुर्गे को बताने गया।मुर्गे ने खिल्ली उड़ाते हुए कहा : जा भाई, ये मेरी समस्या नहीं है।हताश चूहे ने बाड़े में जा कर बकरे को ये बात बताई… और बकरा हँसते हँसते लोटपोट होने लगा।उसी रात चूहेदानी में खटाक की आवाज़ हुई, जिस में एक ज़हरीला साँप फँस गया था।अँधेरे में उसकी पूँछ को चूहा समझ कर उस कसाई की पत्नी ने उसे निकाला और साँप ने उसे डस लिया।तबीयत बिगड़ने पर उस व्यक्ति ने हकीम को बुलवाया। हकीम ने उसे कबूतर का सूप पिलाने की सलाह दी।कबूतर अब पतीले में उबल रहा था।खबर सुनकर उस कसाई के कई रिश्तेदार मिलने आ पहुँचे जिनके भोजन प्रबंध हेतु अगले दिन उसी मुर्गे को काटा गया।कुछ दिनों बाद उस कसाई की पत्नी सही हो गयी, तो खुशी में उस व्यक्ति ने कुछ अपने शुभचिंतकों के लिए एक दावत रखी तो बकरे को काटा गया।चूहा अब दूर जा चुका था, बहुत दूर!अगली बार कोई आपको अपनी समस्या बतायेे और आप को लगे कि ये मेरी समस्या नहीं है, तो रुकिए और दुबारा सोचिये। एससी की समस्या को एसटी, ओबीसी अपनी समस्या समझें। एसटी की समस्या को एससी ओबीसी अपनी समस्या समझें । ओबीसी की समस्या को एससी एसटी अपनी समस्या समझें।समाज का एक अंग, एक तबका, एक नागरिक खतरे में है तो पूरा समाज व पूरा देश खतरे में है।अपने-अपने दायरे से बाहर निकलिये। स्वयं तक सीमित मत रहिये। सामाजिक बनिये !!

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