Spread the love

खेल प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन पर जोर, खेलो एवं खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन

खेलों को मिलेगा बढ़ावा, युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अपना हुनर निखारने का अवसर

बागपत, 02 सितंबर 2025 — जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने एवं खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में खेल प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। व्यावसायिक स्विमिंग पूल एवं जिम के संचालन हेतु पंजीकरण, अनापत्ति एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में संचालित मानक-विरुद्ध स्विमिंग पूलों के संबंध में नोटिस जारी किए जाएं तथा नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि क्रिटिकल गैप फंड से जिला खेल कार्यालय परिसर में लगभग 8 लाख रुपये की लागत से बॉक्सिंग रिंग एवं शेड निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। बैडमिंटन हॉल में सिंथेटिक फ्लोरिंग, पर्याप्त लाइटिंग और रंगाई-पुताई का कार्य सीएसआर फंड से कराने के निर्देश दिए गए।

जिला क्रीड़ाधिकारी अमित कुमार ने जानकारी दी कि जिला खेल परिसर में स्विमिंग पूल की मरम्मत पूरी हो चुकी है जिसके संचालन हेतु जीवन रक्षक एवं सफाईकर्मी की आवश्यकता है जिनके नियुक्ति के संबंध में आवश्यक कार्यवाही का निर्णय लिया गया। साथ ही, सीएसआर फंड से चेंजिंग रूम एवं वॉशरूम का निर्माण भी कराया जाएगा।

जनपद में संचालित सभी स्विमिंग पूल, जिम एवं निजी खेल कोचिंग एकेडमियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा और बिना पंजीकरण के संचालित संस्थानों पर कारवाई होगी। इसके लिए खेल विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने निर्देश दिए कि जनपद में खिलाड़ियों के बीच लोकप्रिय खेलों जैसे तीरंदाजी, बैडमिंटन, जूडो-कराटे, कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, हॉकी, एथेलेटिक्स को प्रोत्साहन देने हेतु खेल गतिविधियों को और सशक्त किया जाए। दिव्यांग एवं महिला खिलाड़ियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व पंकज वर्मा co ट्रैफिक विजय कुमार परियोजना निदेशक राहुल वर्मा हॉकी कोच कृपाल सिंह सहित खेल विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, खेल संघों के पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

sbobet88

×