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सरकार चाहती है कि जो पुरुषों की सीट है उस पर पुरुष ही चुनाव लड़ेंगे और जो नई सीट आएगी उन पर महिला चुनाव लड़ें।
उन्होंने कहा कि सच बात यह है कि होना ऐसा चाहिए कि सबसे पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए। जनगणना के आधार पर परिसीमन होना चाहिए और फिर महिलाओं का 33% आरक्षण जो 2023 में लागू पास हो चुका है। जो अभी तक भी भाजपा सरकार ने लागू नहीं किया उसको लागू करना चाहिए। लेकिन आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार चालाकी से राजनीति महिलाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहती है और देश की महिलाओं को गुमराह महिलाओं की वोट हथियाना चाहती है। आज देश की महिलाएं सरकार की मनसा पर बार-बार प्रश्न चिन्ह इसलिए लग रही है कि महिला विधायक बिल जो महिलाओं के आरक्षण से संबंधित है वह बिल 2023 में पूरे विपक्ष ने भाजपा सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पास किया था। भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने इसको आज तक लागू नहीं किया। कोई भी नोटिफिकेशन, गैजेट भी जारी नहीं किया। इससे साफ झलकता है कि भाजपा की मनसा महिला को आरक्षण देने के प्रति नहीं है। इसमें महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर महिलाओं की राजनीति कर महिलाओं की वोट हथियाना चाहती है यह देश की महिला अच्छी प्रकार समझ चुकी है और भाजपा के झांसे में आने वाली अब देश की महिलाएं नहीं है।

भाजपा राजनीतिक खेलने की मनसा रखती है अगर भाजपा चाहती तो 33% आरक्षण 2023 में संसद में पास हो गया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी महिला को 33% आरक्षण दिया जा सकता था लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने नहीं दिया। उसके बाद कई राज्यों के चुनाव हुए उनमें भी महिलाओं को 33% आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी कर आरक्षण दिया जा सकता था लेकिन उसमें भी लागू नहीं किया। यहां पर भाजपा की कथनी और करनी में सब पता चलता है कि भाजपा एक नंबर की झूठी पार्टी है। यह विचार देश की और भी महिलाओं के विचार है।

हालांकि पुरुषों के भी विचार है उनका कहना भी है कि इस प्रकार के आरक्षण की नौटंकी से दबंग सक्षम जातियों के लोग अपनी महिला को ही सांसद विधायक की कुर्सी तक पहुंच कर बाकी सब को भूल जाएंगे। जैसे पहले भूल गए और एक बार कोई भी कानून लागू हो जाता है तो उसे बदलना, उसमें छेड़छाड़ करना सरकार मुनासिब नहीं समझती भले ही सरकार के ऊपर कितना भी दबाव पड़े लेकिन सरकार उसमें संशोधन तक नहीं करती और वह सालों साल चलता ही रहता है।
देश की अन्यबमहिला और पुरुषों ने भी कहा कि जब तक जातिगत जनगणना नहीं होगी आरक्षण सही मायने में सबको नहीं दिया जाएगा तब तक 33% महिला का आरक्षण का कोई मतलब नहीं है और यहीं पर भाजपा कि मोदी सरकार की चालाकी भी यहीं पर पकड़ी जाती है।

देश की संसद में देश की महिला सांसद के द्वारा पूछा गया चोली के पीछे क्या है चोली के नीचे क्या है आप भी ध्यान से सुनिए। सरकार को जवाब देना चाहिए आखिर सरकार महिलाओं के पीछे क्यों चुप रही है?

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