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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और संगठन में बड़े रणनीतिक बदलाव की तैयारी कर रही है। लखनऊ के सियासी गलियारों में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही होने वाले इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

संभावित नामों की सूची में भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडेय, पूजा पाल, अजीतपाल त्यागी और आकाश सक्सेना के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। इसके अलावा अशोक कटारिया और अश्वनी त्यागी को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पार्टी इस बार उत्तराखंड वाला फॉर्मूला अपना सकती है, जिसमें बिना किसी पुराने मंत्री को हटाए नए चेहरों को जगह देकर असंतोष को न्यूनतम रखने की कोशिश की जाएगी। दूसरी ओर, नरेंद्र कश्यप, दिनेश खटिक और सोमेंद्र तोमर जैसे नेताओं को संगठन में वापस भेजकर चुनावी जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम चल रहा है।

भाजपा इस बार ‘पीडीए’ (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ दलित और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। महाराष्ट्र के दिग्गज नेता विनोद तावड़े का हालिया उत्तर प्रदेश दौरा इसी चुनावी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और माफिया पर बुलडोजर कार्रवाई को चुनावी अभियान का मुख्य आधार बनाया जा रहा है ताकि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय के साथ 2027 में मजबूत बढ़त बनाई जा सके।

विश्व वाणी समाचार सेवा

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