Spread the love

पीएम की यात्रा या रोड़ शो से 3 दिन पहले SPG Advance Security Liaison (ASL) मीटिंग आयोजित करता है, इसमें Intelligence Bureau (IB), राज्य पुलिस और जिलाधिकारी आदि शामिल होते हैं, जिस रूट से पीएम जाने वाले होते हैं उसे पूरी तरह सैनिटाइज किया जाता है, ब्रिज, नाले, भीड़भाड़ वाले इलाके आदि चेक होते हैं और रास्ते में पड़ने वाले हर घर, दुकान, भवन की तलाशी ली जाती है,

किसी अनहोनी को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक रूट, आपातकालीन योजना, प्रधानमंत्री के लिए सुरक्षित घर और अस्पताल पहले से तय होते हैं और यह एलर्ट मोड में रहते हैं,

घंटों पहले से बैरिकेटिंग करके रास्ते बंद कर दिए जाते हैं, चेतावनी देते हुए सायरन बजाती पायलट कार काफिले से 10-15 मिनट आगे चलती है,

1 किलोमीटर लंबे काफिले में दर्जनों Toyota Fortuner, Range Rover, BMW आदि वाहन में SPG कमांडो रहते हैं, यहां तक कि NSG शार्पशूटर भी साथ होते हैं, जो किसी भी अनिधिकृत वाहन या व्यक्ति को पास आने की कोशिश में रोकते हैं और उड़ा भी सकते हैं,

मगर इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि मल्टी लेयर की सिक्योरिटी होती है, Outer Security राज्य पुलिस और लोकल फोर्स ट्रैफिक कंट्रोल करते हैं और उस रूट पर किसी को नहीं जाने देते, रूट पर ट्रैफिक बैरियर लगाकर रास्ते ही बंद कर दिए जाते हैं, ऐसे में पीछे से काफिले में घुस कर 1 किलोमीटर चल कर पीएम की कार तक पहुंचना असंभव है, काफिले के पिछले सिरे से पीएम की गाड़ी तक कमांडो से भरी हुई कम से कम 20-25 गाड़ियां होती हैं, जिन्हें पार करना नामुमकिन है, Sterile Zone बनाया जाता है जिससे कोई अनधिकृत व्यक्ति/वाहन काफिले में नहीं आ सकता, भले ही चाहे एंबुलेंस हो,

लेकिन पता नहीं यह कौन सी एंबुलेंस है जो बिना सुरक्षा जांच और SPG की क्लियरेंस के काफिले में घुस भी जाती है और एसपीजी/ एनएसजी कमांडोज से भरी 20-25 गाड़ियों को पार करके पीएम की गाड़ी तक बार बार पहुंच भी जाती है, कोई भी सुरक्षाकर्मी, कमांडो एंबुलेंस को रोककर उसके ड्राइवर से कोई सवाल भी नहीं करते, कोई तलाशी भी नहीं लेते,

इधर इस अज्ञात एम्बुलेंस में कुछ भी हो सकता है, विस्फोटक या आतंकवादी, मगर बाहरी एंबुलेंस घुसती है और पीएम उसे हाथ हिलाकर पास देते हैं, फोटो और वीडियो भी मिनटों में सामने आ जाती हैं और फिर मीडिया इसे बिग ब्रेकिंग न्यूज बता कर चलाती है,

अब या तो इस एंबुलेंस को पहले ही सिक्योरिटी क्लियरेंस या आधिकारिक पास दिया जाता है कि आओ और सीधे घुसकर पीएम की गाड़ी के पास पहुंचकर फोटो खिचवाओ,

या फिर पीएम की सुरक्षा में ये गंभीर breach है, ऐसा बार बार हो रहा है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए,

बार बार हो रही इस घोर जानलेवा लापरवाही की वजह से लोगों को मजाकिया मीम बना बना कर इस गंभीर सुरक्षा चूक का मजाक उड़ाने का मौका भी मिल जाता है, ये भी अच्छी बात नहीं है,

बाकि तो जो है सो हईए है 🙏

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

×