SC/ST महिलाओं के लिए पहले से आरक्षण है…
OBC महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करे सरकार, वरना माना जाएगा कि ये सरकार अत्यंत पिछड़े वर्गों की दुश्मन है…!
‘नारी वंदन अधिनियम 2023’ को लागू कराने के लिए जरूरी संविधान संशोधन पारित हो जायेगा।
अगर लोकसभा में 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी तो इसमें 65 सीटें SC-ST महिलाओं के लिए आरक्षित करनी पड़ेगी। यानी 208 सीटें अन्य महिलाओं को जायेंगी।
OBC महिलाओं के आरक्षण की पुरजोर मांग(Quota within Quota) को मौजूदा सरकार ने खारिज कर रखी है।
208 (संभावित)सामान्य महिला सीटों पर ज्यादातर सवर्ण हिंदू समुदाय की महिलाएं ही चुनकर आयेंगी। रही खुई कसर सामान्य वर्ग का पुरुष एससी-एसटी महिलाओं से शादी करके फिर वह उनको एससी एसटी कोटे से चुनाव लड़ा कर उनको लोकसभा में पहुंचा देता है। उनका लाभ सामान्य वर्ग हो जाता है।
मनुवादी, सामंतवादी जातंकवादी अत्यंत पिछड़े समाज का अधिकार छीनकर राज कर रहा है लेकिन धीरे-धीरे जागृति आ रही है।
सामाजिक न्याय समिति(जस्टिस राघवेंद्र सिंह कमेटी) की रिपोर्ट लागू हो जाती तो ये सिस्टम लागू होता।
खैर अत्यंत अति पिछडो के लिए कोई नागनाथ तो कोई साँपनाथ है।
अति पिछड़े राज्य बिहार में अत्यंत अति पिछड़ा मुद्दा तो है यूपी में तो कोई पूछने वाला नहीं है बस हर जाति का एक दलाल मंत्री बना दो और वह पूरे प्रदेश में अपने समाज में डमरू बजाता रहे (जैसे मदारी बन्दर का खेल दिखाता है) और वोट दिलवाता रहे। वह भी चोर रास्ते से एमएलसी बनाकर अपना व्यापार, काम धंधे, रोजगार, हॉस्पिटल, डॉक्टर, विधायक परिवार को बनाता रहे।
✍️AKS