निवेदक जिला कांग्रेस कमेटी बागपत
सूचनार्थ समस्त बागपत कांग्रेस के वर्तमान एवं न्यू वर्तमान सांसद विधायक मंत्रीगण एवं प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी गणों एवं समस्त फ्रंटल कांग्रेस के पदाधिकारी गणों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 दिन मंगलवार को प्रातः 11:00 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय गोरीपुर मोड पर भारतीय संविधान की मुख्य वास्तुकार एवं समाज सुधारक बाबा भीमराव अंबेडकर जी की जयंती का आयोजन किया जाएगा आप समझ साथी समय से उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं
निवेदक जिला कांग्रेस कमेटी बागपत
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आदिवासियों, मूल जातियां, अत्यंत पिछड़ी जातियों के पूर्वज प्राचीन हुंनरबाज थे, जिन्होंने कपड़े की सिलाई, सफाई, जूते का आविष्कार, नाव का आविष्कार, केश कला, कपड़ों की सफाई सजावट , अन्न उपजाने, विभिन्न प्रकार की सब्जियों के उत्पादन, महिलाओं की चूड़ियां श्रंगार के सामान और सज्जा, न्यूट्रीशियन, लकड़ी के फर्नीचर, लोहे, तांबे,पीतल, फूलकांसा आदि के बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण बनाकर मानव सभ्यता को सजाया संवारा और आज भी जारी है। जहां यूरोप अमेरिका में dignity of labour है और इनकी सर्वोपरि इज़्ज़त है। ठीक इसके उलट भारत में कुछ भी काम न जानने वालों, बैठकर दूसरे की कमाई खाने वालों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है वहीं वैज्ञानिक कमेरा समाज को शूद्र, अति शूद्र, दलित, अति दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा कहते हुए समाज की निम्नतम श्रेणी में रखकर उपेक्षित वंचित और अपमानित किए जाने को अपनी परम्परा मानकर शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक रूप से संसाधनों में भागीदार न बनाते हुए एक विशाल वर्ग को कमजोर मजलूम, वंचित बनाकर रखा जाता रहा है और इनके सख्यानुपातिक भागीदारी की मांगों को कुचल दिया जाता है।यह सिलसिला तत्काल रुकना चाहिए। देश की हुनरमंद दो-तिहाई से अधिक आबादी को बिना सक्षम बनाए या ये कहा जाए कि बिना देशवासियों को विकसित किए भला देश कैसे विकसित किया जा सकता है।इनको समता समानता दिखाई नहीं देती 5 एकड़ से कम जमीन, 8 लाख वार्षिक आय है तो वो जनरल कैटेगरी (EWS) के लोग गरीब हैं…और अत्यंत पिछड़े वर्ग कश्यप निषादों के पास 1 गट्टा या 1 डिसमिल भी जमीन न हो, 50 हजार से भी कम वार्षिक आय हो तो वो अमीर हैं।इसी को भेदभाव अन्याय कहते हैं?सोचिए और उचित मानें तो विचार को प्रवाह दीजियेगा।