अरुणाचल प्रदेश के पास चीन ने ल्होखा (Shannan) क्षेत्र में नई काउंटी/टाउनशिप बनाई हैं ये इलाका भारत के अरुणाचल प्रदेश (जिसे चीन “दक्षिण तिब्बत” कहता है) के सामने पड़ता है यहाँ “बॉर्डर विलेज” तेजी से बसाए गए हैं उद्देश्य:अपने दावे को मजबूत करना ज़मीन पर स्थायी नागरिक उपस्थिति बनाना
लद्दाख (अक्साई चिन) के पास चीन पहले से ही अक्साई चिन पर कब्ज़ा रखता है यहाँ उसने प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत किया है और नई इकाइयाँ जोड़ी हैं शिनजियांग–तिब्बत कनेक्टिविटी (हाईवे G219) के आसपास गतिविधि बढ़ी है
भूटान ट्राइजंक्शन के पास डोकलाम के आसपास भी चीन ने गांव और प्रशासनिक ढांचे विकसित किए यह क्षेत्र भारत के लिए संवेदनशील है क्योंकि यह “चिकन नेक” (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) के पास है ,यह “नई काउंटी” असल में क्या है?चीन सीधे “जिला” जैसा ढांचा बनाता है:काउंटी (County),टाउनशिप (Township) मॉडल बॉर्डर विलेज इनमें शामिल होते हैं:पक्के घर सड़क और इंटरनेट,सरकारी ऑफिसकुछ जगहों पर सैन्य समर्थन,भारत के लिए असली चिंता,Ground Reality बदलना,जहां पहले खाली इलाका था, वहाँ अब आबादी और प्रशासन दिखाकर चीन दावा मजबूत करता है। Dual Use Infrastructure नागरिक गांव + सैन्य उपयोग (सड़क, संचार) भविष्य की बातचीत पर असर,चीन कह सकता है: “यह तो हमारा विकसित इलाका है” चीन की “नई काउंटी” कोई साधारण प्रशासनिक बदलाव नहीं है— यह एक धीरे-धीरे कब्ज़ा मजबूत करने की रणनीति (salami slicing) का हिस्सा है, खासकर अरुणाचल और लद्दाख के आसपास।