दोस्तो डॉ. अम्बेडकर नें देश के गरीवों शोसीतों मजदूरों किसानों को संघर्ष का एक रास्ता दिखाया संगठित रहो शिक्षित बनो उसके बाद संघर्ष शुरू करो बही बापू नें सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया अब समय आ गया है हमें बाबा बापू के बताये रास्ते पर चलकर देश में मोदी सरकार BJP RSS के विरुद्ध देश में आंदोलन शुरू करने कादोस्तो मोदी सरकार नें MPhil को समाप्त कर दिया PHD की 1174 सीटों को घटा कर 194 कर दिया IIT की फीस 90 हजार से 2 लाख कर दी मोदी सरकार नें देश के युवाओं के सामने शिक्षा को तालों में बन्द कर दिया मोदी सरकार के खाने पीने घूमने और चुनावी दौरों बिदेश दौरों की छोड़ो इन 11 सालों में विज्ञापनों पर ही 5987.46 करोड़ खर्च कर दिए यानी प्रतिदिन 1.5 करोड़ और अगर मोदीजी के खाने पीने घूमने विदेशी यात्राएँ और रिलियों के खर्चे को जोड़ दें तो केबल मोदीजी पर इतना खर्च होता है अगर देश के युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है और अगर मोदी सरकार के टॉप 10 मंत्रियों BJP RSS के टॉप 10 10 नेताओं के खर्चे को बन्द कर दें तो किसानों को खाद बीज कृषि यंन्त्रों पर भारी सब्सिडी दी जा सकती है किसानों का ऋण माफ किया जा सकता है और अगर इनकी काली कमाई को जप्त कर लिया जाए तो देश के कर्जे को भी बड़ी मात्रा में कम किया जा सकता हैदोस्तो इसके लिए अब मोदी सरकार के विरुद्ध उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का जनआंदोलन अब मोदी सरकार को देश की सत्ता से बाहर करना देश और देश की जनता के लिए जरूरी हैजिस प्रकार से मोदीजी नें सत्ता में हमेशा बने रहने के लिए ED CBI देश के प्रशासन के साथ चुनाव आयोग को अपने पक्ष में करके इनके प्रमुख पदों पर अपने समर्थकों को नियुक्त करके जिस प्रकार से देश की सत्ता में हमेशा बने रहने की त्यारी शुरू की है बह इन पांच प्रदेशों के चुनावों तक ही रहेगीदोस्तो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को देखकर जिस प्रकार से हमारे अर्थशास्त्री लिख रहे हैंSIR एक रक्तहीन राजनैतिक नरसंहार है और देश का सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति महोदया सभी चुपचाप देख रहे हैंदोस्तो मोदी सरकार के विरुद्ध हम कोंग्रेसियों और ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार नें देश में आंदोलन शुरू करने की त्यारी काफी समय पहले ही शुरू कर दी थी और प्रत्येक माह की 25 तारीख को संभल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके शासन और प्रशासन को इस आंदोलन की जानकारी भी देते हैं लेकिन देश में किस तारीख से शुरू होगा इसकी जानकारी नहीं दी थीलेकिन राहुल गाँधी नें जब 17 अगस्त से वोटर अधिकार यात्रा शुरू करने की घोषड़ा कर दी हैतब संभल कलेक्ट्रेट से भी 17 अगस्त 26 से मोदी सरकार के विरुद्ध देश में कांग्रेस का आंदोलन शुरू होगाइस आंदोलन का नेतृत्व में ( विनोद साथी )करूंगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारसंभल8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

subhashchand4

Bysubhashchand4

Apr 12, 2026
Spread the love

दोस्तो डॉ. अम्बेडकर नें देश के गरीवों शोसीतों मजदूरों किसानों को संघर्ष का एक रास्ता दिखाया संगठित रहो शिक्षित बनो उसके बाद संघर्ष शुरू करो बही बापू नें सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया अब समय आ गया है हमें बाबा बापू के बताये रास्ते पर चलकर देश में मोदी सरकार BJP RSS के विरुद्ध देश में आंदोलन शुरू करने का
दोस्तो मोदी सरकार नें MPhil को समाप्त कर दिया PHD की 1174 सीटों को घटा कर 194 कर दिया IIT की फीस 90 हजार से 2 लाख कर दी मोदी सरकार नें देश के युवाओं के सामने शिक्षा को तालों में बन्द कर दिया मोदी सरकार के खाने पीने घूमने और चुनावी दौरों बिदेश दौरों की छोड़ो इन 11 सालों में विज्ञापनों पर ही 5987.46 करोड़ खर्च कर दिए यानी प्रतिदिन 1.5 करोड़ और अगर मोदीजी के खाने पीने घूमने विदेशी यात्राएँ और रिलियों के खर्चे को जोड़ दें तो केबल मोदीजी पर इतना खर्च होता है अगर देश के युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है और अगर मोदी सरकार के टॉप 10 मंत्रियों BJP RSS के टॉप 10 10 नेताओं के खर्चे को बन्द कर दें तो किसानों को खाद बीज कृषि यंन्त्रों पर भारी सब्सिडी दी जा सकती है किसानों का ऋण माफ किया जा सकता है और अगर इनकी काली कमाई को जप्त कर लिया जाए तो देश के कर्जे को भी बड़ी मात्रा में कम किया जा सकता है
दोस्तो इसके लिए अब मोदी सरकार के विरुद्ध उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का जनआंदोलन अब मोदी सरकार को देश की सत्ता से बाहर करना देश और देश की जनता के लिए जरूरी है
जिस प्रकार से मोदीजी नें सत्ता में हमेशा बने रहने के लिए ED CBI देश के प्रशासन के साथ चुनाव आयोग को अपने पक्ष में करके इनके प्रमुख पदों पर अपने समर्थकों को नियुक्त करके जिस प्रकार से देश की सत्ता में हमेशा बने रहने की त्यारी शुरू की है बह इन पांच प्रदेशों के चुनावों तक ही रहेगी
दोस्तो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को देखकर जिस प्रकार से हमारे अर्थशास्त्री लिख रहे हैं
SIR एक रक्तहीन राजनैतिक नरसंहार है और देश का सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति महोदया सभी चुपचाप देख रहे हैं
दोस्तो मोदी सरकार के विरुद्ध हम कोंग्रेसियों और ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार नें देश में आंदोलन शुरू करने की त्यारी काफी समय पहले ही शुरू कर दी थी और प्रत्येक माह की 25 तारीख को संभल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके शासन और प्रशासन को इस आंदोलन की जानकारी भी देते हैं लेकिन देश में किस तारीख से शुरू होगा इसकी जानकारी नहीं दी थी
लेकिन राहुल गाँधी नें जब 17 अगस्त से वोटर अधिकार यात्रा शुरू करने की घोषड़ा कर दी है
तब संभल कलेक्ट्रेट से भी 17 अगस्त 26 से मोदी सरकार के विरुद्ध देश में कांग्रेस का आंदोलन शुरू होगा
इस आंदोलन का नेतृत्व में ( विनोद साथी )करूंगा
धन्यवाद
आपका अपना विनोद साथी
जिला उपाध्यक्ष
संभल कांग्रेस उ.प्र.
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार
संभल
8791674785 9720026990 w
जय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

इतिहास गवाह है कि जो जड़ें अपनी मिट्टी को धोखा देती हैं, वे महलों के गमलों में ज्यादा दिन तक हरी नहीं रह सकतीं। आज राहुल गांधी का उदय हो रहा है और गद्दारों का भविष्य अंधकार की गहरी खाइयों की ओर बढ़ चुका है।”सत्ता का मोह बनाम वैचारिक अडिगता: राहुल गांधी का सशक्त नेतृत्व और दलबदलू नेताओं का पतनभारतीय राजनीति के वर्तमान दौर में निष्ठा और सिद्धांतों की परिभाषा बदली है, लेकिन इस बदलते दौर में भी एक नाम जो चट्टान की तरह अपनी विचारधारा पर खड़ा रहा, वह है राहुल गांधी। जहाँ एक तरफ राहुल गांधी ने सत्ता की चकाचौंध के बजाय संघर्ष और तपस्या का रास्ता चुना, वहीं दूसरी ओर हिमंत बिस्वा सरमा और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं ने व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और सत्ता के लालच में उस विचारधारा की पीठ में छुरा घोंपा जिसने उन्हें पहचान दी। आज का राजनीतिक परिदृश्य स्पष्ट रूप से संकेत दे रहा है कि राहुल गांधी एक सशक्त जननायक बनकर उभरे हैं, जबकि गद्दारी करने वाले नेताओं का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ रहा है।अवसरवाद की मिसाल हिमंत बिस्वा सरमा और ज्योतिरादित्य सिंधियाहिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस छोड़ना किसी नीतिगत विरोध का परिणाम नहीं, बल्कि सत्ता की असीमित भूख थी। जिस पार्टी ने उन्हें असम की राजनीति में स्थापित किया, उसी के नेतृत्व पर उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाए। राहुल गांधी पर निशाना साधकर उन्होंने भाजपा में अपनी जगह तो बना ली, लेकिन आज वे अपनी प्रासंगिकता बचाए रखने के लिए विभाजनकारी राजनीति का सहारा लेने को मजबूर हैं। भाजपा जैसी कैडर-आधारित पार्टी में हिमंत जैसे ‘बाहरी’ नेता का उपयोग केवल एक सीमित समय तक है। जैसे ही उनकी उपयोगिता समाप्त होगी, वे हाशिए पर धकेल दिए जाएंगे। उनका भविष्य एक ऐसी अंधी गली की ओर जा रहा है जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं है।यही हाल ‘महाराज’ कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का है। सिंधिया ने मध्य प्रदेश में जनमत का अपमान किया और अपनी ही पार्टी की सरकार गिरा दी। जिस राहुल गांधी ने उन्हें अपना भाई माना और राजनीति के शिखर पर बैठाया, सिंधिया ने उसी दोस्ती को सत्ता की कुर्सी के लिए बेच दिया। आज सिंधिया की हालत भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता से भी बदतर है। जिस स्वाभिमान की बात कर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, आज वही स्वाभिमान भाजपा के अनुशासन और बड़े नेताओं के आदेशों के नीचे दब चुका है। ग्वालियर-चंबल की जनता ने भी अब उन्हें वह सम्मान देना बंद कर दिया है जो कांग्रेस में रहते हुए उन्हें मिलता था। सिंधिया का राजनीतिक पतन शुरू हो चुका है और यह जल्द ही पूर्ण अंधकार में बदल जाएगा।इसके विपरीत, राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो न सत्ता से डरता है और न ही जांच एजेंसियों से। उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से देश की रग-रग को समझा और नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने का साहस दिखाया। उनके हालिया भाषणों में जो आक्रामकता और स्पष्टता दिखती है, वह एक सच्चे नेता की पहचान है। राहुल गांधी ने साबित कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे।आज राहुल गांधी के पास खोने के लिए कुछ नहीं है और पाने के लिए पूरा भारत है। उन्होंने कांग्रेस को उन ‘डरपोक’ और ‘लालची’ नेताओं से मुक्त कर दिया है जो केवल सत्ता की मलाई खाने के लिए पार्टी में थे। आज की कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में पहले से कहीं अधिक एकजुट और वैचारिक रूप से मजबूत है।जो लोग आज यह कयास लगा रहे हैं कि शायद सिंधिया या सरमा की कभी कांग्रेस में वापसी हो सकती है, उन्हें राहुल गांधी के कड़े तेवरों को समझना चाहिए। राहुल गांधी के वर्तमान भाषण और उनकी कार्यशैली से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि “गद्दारों के लिए कांग्रेस में कोई स्थान नहीं है।” राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि जो लोग विचारधारा की लड़ाई बीच में छोड़कर भाग गए और जिन्होंने पार्टी के सबसे कठिन समय में पीठ दिखाई, वे अब कभी भी इस परिवार का हिस्सा नहीं बन सकते। पार्टी अब नए और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी कर रही है जो राहुल गांधी के विजन को आगे बढ़ा सकें।

×