सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन जो चीज शाश्वत रहती है, वह है नेता का चरित्र। राहुल गांधी ने अपने चरित्र और दृढ़ता से करोड़ों भारतीयों का विश्वास जीता है। वहीं, हिमंत बिस्वा सरमा और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं ने सत्ता के छोटे से टुकड़े के लिए अपना चरित्र खो दिया है। इतिहास गवाह है कि जो लोग अपनी जड़ों को छोड़ देते हैं, वे कभी लंबे समय तक फल-फूल नहीं सकते। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का सूर्य उदय हो रहा है, जबकि इन गद्दार नेताओं का राजनीतिक भविष्य हमेशा के लिए अंधकार में विलीन होना तय है। राहुल गांधी की यह सशक्त छवि आज भारत की राजनीति में न्याय और सत्य की सबसे बड़ी गूँज है।
