Spread the love

खेती से कारोबार तक सभी क्षेत्रों में दिखेगा असर, ‘लोकल से ग्लोबल’ बनेगा बागपत

दो एयरपोर्ट के बीच बागपत बनेगा नया ग्रोथ जोन, निवेश और रोजगार में आएगी तेजी

कनेक्टिविटी का मिलेगा बड़ा फायदा, व्यापार और लॉजिस्टिक्स का हब बनता दिखेगा बागपत

₹1 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था को गति देगा जेवर एयरपोर्ट, बागपत को भी मिलेगा लाभ

बागपत, 28 मार्च 2026 — नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लोकार्पण के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई कहानी लिखनी शुरू हो गई है। अब तक गुरुग्राम और नोएडा तक सीमित विकास का दायरा अब आगे बढ़ेगा और इसका सीधा असर बागपत में भी साफ दिखाई देगा। आने वाले समय में यहां विकास होगा, निवेश बढ़ेगा और हर क्षेत्र में बदलाव दिखेगा।

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से NCR का विकास नक्शा बदलता नजर आएगा। नोएडा से जेवर होते हुए पश्चिमी यूपी तक एक नया विकास गलियारा बनेगा, जिसमें बागपत एक अहम कड़ी के रूप में उभरेगा। स्पष्ट है कि अब बागपत इस नए विकास के केंद्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा।

बागपत की सबसे बड़ी ताकत उसकी कनेक्टिविटी है और यही अब उसका सबसे बड़ा लाभ बनेगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक मार्ग पहले से ही इसे NCR से जोड़ते हैं। अब जेवर एयरपोर्ट जुड़ने के बाद दिल्ली से सटा बागपत दो बड़े एयरपोर्ट—दिल्ली और जेवर—के बीच आ जाएगा। इसका असर आने वाले समय में साफ दिखेगा। माल ढुलाई बढ़ेगी, ट्रैफिक मूवमेंट तेज होगा और बागपत व्यापार और लॉजिस्टिक्स के नए केंद्र के रूप में उभरता दिखाई देगा।

खेती-किसानी के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बागपत के किसान अब केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगे। गन्ना, सब्जी और डेयरी उत्पाद अब एयर कार्गो के जरिए देश-विदेश तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। धीरे-धीरे किसान आधुनिक खेती और एक्सपोर्ट की ओर बढ़ते दिखेंगे। यानी बागपत का खेत अब गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बाजार से जुड़ता नजर आएगा।

बागपत के स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलने वाली है। जिले के प्रमुख उत्पाद अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं को भी नई गति मिलेगी और स्थानीय कारीगरों तथा उद्यमियों को बड़ा बाजार मिलेगा।

उद्योगों के लिए भी बागपत अब नया विकल्प बनकर सामने आएगा। नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में जमीन महंगी होने के कारण उद्योग सस्ती और कनेक्टिव जगहों की ओर रुख करेंगे। बागपत इस मामले में मजबूत स्थिति में रहेगा। यहां छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित होंगे, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होंगे। इससे जिले में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी तेजी देखने को मिलेगी। अब निवेशकों की नजर बागपत पर टिकेगी। यहां जमीन अभी किफायती है और भविष्य की संभावनाएं मजबूत हैं। आने वाले समय में नई कॉलोनियां बसेंगी, छोटे टाउनशिप बनेंगे और बाजारों में रौनक बढ़ेगी। बागपत का शहरी स्वरूप धीरे-धीरे बदलता नजर आएगा।

युवाओं के लिए यह एयरपोर्ट सबसे बड़ा अवसर लेकर आया है। जेवर एयरपोर्ट और उससे जुड़े उद्योगों के कारण हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अब युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वे अपने जिले में ही रोजगार पा सकेंगे। एविएशन, होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में नए मौके खुलेंगे। इससे युवाओं का भविष्य मजबूत होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। बाहर के लोग आसानी से बागपत पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को फायदा होगा। बाजारों में रौनक बढ़ेगी और जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

जेवर एयरपोर्ट की विशेषताएं इसे और खास बनाती हैं। शुरुआती चरण में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता, भविष्य में 7 करोड़ तक विस्तार, 2.5 लाख टन से 15 लाख टन तक कार्गो क्षमता, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, डिजियात्रा जैसी डिजिटल सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स हब इसे प्रदेश का आर्थिक इंजन बनाते हैं। यह एयरपोर्ट ग्रीन एनर्जी और नेट जीरो एमिशन के सिद्धांत पर आधारित है, जो इसे आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।

आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार यह परियोजना उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह एयरपोर्ट ₹1 लाख करोड़ से अधिक का आर्थिक योगदान देगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को मजबूत करेगा।

जनपद बागपत के लिए यह एयरपोर्ट एक बड़ा अवसर साबित होगा। यहां के उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे। उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। निवेश बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेंगे और जिले की पहचान बदलेगी। अब जेवर एयरपोर्ट विकास का इंजन बनेगा और बागपत उसकी रफ्तार के साथ आगे बढ़ेगा। अब बागपत में बदलाव होगा, तेजी से होगा और हर क्षेत्र में दिखेगा। जो आज संभावना है, वही कल बागपत की नई पहचान बनेगा।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आज, स्थापना के श्रेय का वास्तविक हकदार कौन?शिलान्यास के ठीक चार वर्ष चार महीने और तीन दिन बाद होने जा रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आज 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों जेवर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दशा और दिशा को बदल देने की संभावनाओं वाले इस हवाई अड्डे के प्रथम चरण का औपचारिक उद्घाटन हो जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तैयारियों को जिला प्रशासन गौतमबुद्धनगर ने जहां अंतिम रूप दे दिया है वहीं उद्घाटन के बाद होने वाली प्रधानमंत्री की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा संगठन और जनप्रतिनिधियों ने युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं।पच्चीस वर्ष पहले अतिपिछड़े समझे जाने वाले जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर क्षेत्र को कल हवाई उड़ान जैसे अत्याधुनिक यातायात के एक ठिकाने का उपहार मिल जाएगा। इस हवाई अड्डे के निर्माण में महज चार वर्ष चार महीने और तीन दिन का समय लगा जो देश में बने किसी भी अन्य हवाई अड्डे के मुकाबले बेहद कम है परंतु इसे जेवर में स्थापित होने के लिए पच्चीस छब्बीस साल लग गए।2001 में खुर्जा लोकसभा क्षेत्र जो अब गौतमबुद्धनगर हो गया है, के तत्कालीन भाजपा सांसद अशोक प्रधान दावा करते हैं कि यह हवाई अड्डा उनके आग्रह पर जेवर में बनना तय हुआ था।उस समय गौतमबुद्धनगर जिले का हिस्सा होने के बावजूद नोएडा ग्रेटर नोएडा से जेवर पहुंचने के लिए दिल्ली हरियाणा होकर जाना पड़ता था।बकौल अशोक प्रधान उन्होंने इस क्षेत्र के अति पिछड़ेपन को दूर कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से यहां एयरपोर्ट बनाने की मांग की थी। प्रधानमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र को जेवर में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि समय की धूल पूर्व में किए गए प्रयासों को धुंधला या अदृश्य कर देती है। इसका एक जीता-जागता उदाहरण नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे भी है जिसका शिलान्यास भी अशोक प्रधान ने किया था जो सरकारी अभिलेखों में दर्ज है परंतु अब वहां पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नाम का शिलापट्ट लगा है। वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट का सर्वाधिक श्रेय कौन ले रहा है? एयरपोर्ट के चारों ओर जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के होर्डिंग लगे हैं। कभी इसके लिए वर्तमान सांसद डॉ महेश शर्मा को श्रेय दिया जाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवश्य इस हवाई अड्डे की यहां स्थापना के श्रेय के वास्तविक हकदार हैं जिन्होंने पिछली सरकारों के समय कभी टूंडला और कभी आगरा के बीच झूल रहे इस हवाई अड्डे को वापस जेवर में बनाने का न केवल ठोस प्रस्ताव केंद्र को भेजा बल्कि उसे धरातल पर भी उतार दिया। हालांकि कल उद्घाटन होने के बावजूद यहां से उड़ानें शुरू होने में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है जो प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए सामान्य बात है परंतु दिल्ली से मात्र एक घंटे की दूरी पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर स्थापित इस हवाई अड्डे से क्षेत्र के भौतिक विकास को ऊंची उड़ान मिलने की पूरी संभावना है। संभवतः इसीलिए आज सुबह इंद्रदेव ने भी हल्की बौछोरों के साथ अपनी प्रसन्नता प्रकट की।

×