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प्रदेश के लिए मिसाल बनेगा बागपत: जिले के इतिहास में पहली बार जीरो वेस्ट धार्मिक मेला

फूल-माला से अगरबत्ती, कचरे से सुविधाएं—आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएगा बागपत

जिलाधिकारी ने देखी व्यवस्थाएं, विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

बागपत, 09 फरवरी 2026। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद बागपत के ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर में लगने वाला प्रसिद्ध मेला इस बार एक नई पहचान के साथ आयोजित होने जा रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की पहल पर 14 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक चलने वाला यह मेला पहली बार “भक्ति भी, प्रकृति भी” के संदेश के साथ जीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में संपन्न कराया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश भी जन-जन तक पहुंचे और मेला क्षेत्र में कूड़ा-कचरे की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।

आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने पुरा महादेव मंदिर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरा महादेव का फाल्गुनी मेला इस बार जीरो वेस्ट महोत्सव का मॉडल बनेगा जिसे भविष्य में अन्य आयोजनों में भी अपनाया जा सकेगा। इसके तहत मेला क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े-कचरे का निस्तारण कर उसे उपयोगी वस्तुओं में बदलकर मंदिर परिसर में ही प्रयोग किया जाएगा।

सामान्य वर्षों में मेले से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, फूल-माला और खाद्य अपशिष्ट उत्पन्न होता है, जिससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति बन जाती है। इस बार जीरो वेस्ट महोत्सव के माध्यम से कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग सुनिश्चित कर पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर विकास विभाग के सफाईकर्मियों द्वारा प्रतिदिन कूड़े का संग्रहण किया जाएगा, जिसके बाद स्वयंसेवकों की टीम कचरे को गीला-सूखा सहित विभिन्न श्रेणियों में अलग करेगी। अलग किए गए कचरे को नगर विकास विभाग तथा क्रिएटिव आर्ट इनोवेटर्स के सहयोग से कई उपयोगी रूप दिए जाएंगे। इनमें मंदिर परिसर में बैठने के लिए डेस्क और बैठने की व्यवस्था, परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए सेल्फी प्वाइंट, तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए री-साइकिल्ड डस्टबिन जैसी वस्तुएं तैयार की जाएंगी। वहीं फूल मालाओं जैसी सामग्री से अगरबत्ती बनाए जाने की योजना हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल कचरे का बोझ घटेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को वेस्ट टू वेल्थ की प्रेरणा मिलेगी।

बागपत में यह मॉडल पर्यावरण के अनुकूल है को भारत सरकार के मिशन लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देता है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल का विजन है कि बागपत स्मार्ट सिटी की तर्ज पर आगे बढ़े और मेले का आयोजन भी इतने बेहतर ढंग से हो कि वह भक्ति के साथ साथ प्रकृति को भी बढ़ावा देने का माध्यम बने। इसके लिए प्रशासन मिशन मोड में जुटा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी स्वयं मेले में लगने वाले स्टॉल्स और दुकानों तक पहुंचीं और विक्रेताओं से संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद रखा जाए। दुकानदारों को कपड़े, कागज या अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की सलाह दी गई, ताकि ग्राहकों को सामान देते समय प्लास्टिक थैलियों का उपयोग न हो। प्रशासन ने प्रत्येक स्टॉल पर डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे कूड़ा इधर-उधर न फैले। दुकानदार और श्रद्धालु दोनों के सहयोग से यह मेला प्रदेश में स्वच्छ और हरित आयोजन की मिसाल बन सकता है।

जीरो वेस्ट महोत्सव की सफलता के लिए मेला क्षेत्र को नगर विकास विभाग द्वारा 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की अलग टीम तैनात की गई है। कुल 9 सुपरवाइजर और 84 सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई व्यवस्था संभालेंगे। कूड़े के संग्रहण और निस्तारण के लिए 78 कूड़ेदान विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं, साथ ही कूड़ा उठाने के लिए विशेष गाड़ियां भी तैनात रहेंगी।

पेयजल आपूर्ति के लिए 9 पानी के टैंकर लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए 9 मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की गई है, जिनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि मेला समाप्त होने के बाद भी परिसर में कचरे का कोई ढेर न दिखाई दे। मेले में सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों को भी जोड़ा गया है।

जीरो वेस्ट महोत्सव को एक सशक्त पहचान देने के लिए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष यूनिफॉर्म प्रदान की गई है। पुरुष कर्मियों के लिए गुलाबी रंग और महिला कर्मियों के लिए सफेद रंग की टी-शर्ट की व्यवस्था की गई है। इन पर जीरो वेस्ट और स्वच्छता से संबंधित संदेश अंकित हैं, जिससे श्रद्धालुओं को अभियान का उद्देश्य स्पष्ट रूप से समझ में आए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियां पहले से पुख्ता रखी जाएं। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखते हुए प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण में जलाभिषेक कर सकें।

पुरा महादेव मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा आयोजन है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार जीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में आयोजन होने से यह मेला आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक बनेगा। “भक्ति भी, प्रकृति भी” का संदेश यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों में भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाई जा सकती है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो जनपद में होने वाले अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों में भी जीरो वेस्ट मॉडल लागू किया जाएगा। इससे नगर निकायों पर कचरा निस्तारण का दबाव कम होगा और स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार आएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे मेले को स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्रिय सहयोग दें।

जनपद बागपत में पहली बार किसी बड़े धार्मिक मेले को जीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में आयोजित करने की यह पहल प्रशासनिक नवाचार के रूप में देखी जा रही है। आस्था, व्यवस्था और पर्यावरण के संतुलन के साथ आयोजित होने जा रहा पुरा महादेव मेला इस बार जनभागीदारी से स्वच्छता क्रांति का संदेश देने वाला आयोजन बनने की ओर अग्रसर है। प्रशासन को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से “भक्ति भी, प्रकृति भी” का यह संकल्प जमीन पर उतरकर बागपत को एक स्वच्छ, हरित और जिम्मेदार जनपद की नई पहचान देगा।

इस अवसर पर एसडीएम बागपत अमरचंद वर्मा एसडीएम बड़ौत भावना सिंह ,अधिशासी अधिकारी बागपत के के भड़ाना, बड़ौत ईओ मनोज रस्तोगी खेकड़ा हरी लाल पटेल, वीरज त्रिपाठी, परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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