कोई मतदाता न छुटे: अधिकारियों ने स्कूल कॉलेज में पहुंचकर युवाओं से किया संवाद, वोट बनवाने के लिए किया प्रेरित
लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल, सभी बूथ पर आयोजित हुआ विशेष कैंप, हुआ समाधान
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान: अपने बूथों पर पहुंचे लोग, बीएलओ ने भरवाए फॉर्म
बागपत 31 जनवरी 2026 — भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची को पूर्ण और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में आज जनपद बागपत में विशेष अभियान संचालित किया गया ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
विशेष अभियान के दौरान जनपद के समस्त मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशानुसार सभी बूथों पर बीएलओ ने सुबह 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक मौजूद रहकर मतदाता सूची से जुड़े मामलों का मौके पर ही समाधान किया। बड़ी संख्या में मतदाता अपने संबंधित बूथ पर पहुंचकर नया नाम जुड़वाने, नाम या पते में संशोधन कराने, फोटो सुधार, स्थानांतरण अथवा विलोपन से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। अभियान में बूथवार महिलाओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई जहां बूथ लेवल ऑफिसर मौजूद रहे और मतदाताओं को फार्म भरने में सहायता करते नजर आए। दावे और आपत्तियों से संबंधित सभी प्रकार के फार्म जैसे फार्म-6, फार्म-7 व फार्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहे जिनका आवश्यकतानुसार उपयोग किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अस्मिता लाल सहित समस्त उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहे और विभिन्न बूथों पर पहुंचे।
वहीं बागपत के यमुना इंटर कॉलेज में युवाओं से संवाद कर लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया और पात्र युवाओं को वोट बनाने के क्रम में आवश्यक कार्यवाही की गई। साथ ही युवाओं को प्रेरित किया कि वह भारत निर्वाचन आयोग के एसआईआर अभियान की पूर्ण जानकारी रखे और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करे। इसी क्रम में बड़ौत के जनता वैदिक कालेज में मतदाता पंजीकरण हेतु विशेष अभियान आयोजित हुआ जिसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी विनीत उपाध्याय ने युवाओं से सीधे संवाद कर वोट बनवाने एवं लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
मतदाता बनने के लिए आवेदक का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है तथा 1 जनवरी, 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। इसके साथ ही आवेदक संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो और किसी विधिक अपात्रता के अंतर्गत न आता हो। विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी, 2026 से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान नागरिक गलत तरीके से जुड़े नामों पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, मृतक मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की शिकायत कर सकते हैं। आयोग द्वारा दावे और आपत्तियों की सूची आधिकारिक वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर भी उपलब्ध कराई गई है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन के लिए आयोग ने निर्धारित प्रपत्रों की व्यवस्था की है। पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के लिए फॉर्म-6 निर्धारित है, जबकि मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जाएगा। नाम, पता, आयु या फोटो में संशोधन कराने के लिए फॉर्म-8 भरना होगा। ये सभी फॉर्म बीएलओ, तहसील स्थित मतदाता पंजीकरण केंद्र अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा को भी सुदृढ़ किया है। नागरिक voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या विलोपन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आवेदन फॉर्म को डाउनलोड कर ऑफलाइन भी जमा किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग द्वारा ईसीआईनेट मोबाइल एप भी उपलब्ध कराया गया है।
आधिकारिक वेबसाइट से मतदाता अपने नाम की स्थिति जांच सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से युवाओं और तकनीक सक्षम मतदाताओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। मतदाताओं की सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1950 भी सक्रिय किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी की जानकारी, आवेदन की स्थिति, मतदाता सूची से जुड़ी समस्याएं और शिकायतों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर नागरिक इस हेल्पलाइन का उपयोग अवश्य करें।
भारत निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची की शुद्धता में सक्रिय सहयोग करें। परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य का नाम मतदाता सूची में दर्ज है या नहीं, इसकी जांच करें और यदि कोई त्रुटि हो तो समय रहते उसे ठीक कराएं। मृतक परिजनों के नाम हटवाना भी नागरिकों की सामाजिक जिम्मेदारी है, ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में सम्मिलित होगा, तभी लोकतंत्र की वास्तविक भावना साकार हो सकेगी। विशेष अभियान इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
सूचना विभाग बागपत