PET परीक्षा के लिए बागपत में 10 केंद्र निर्धारित, 25,344 अभ्यर्थी होंगे शामिल
जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक, तीन तिथियों पर छह पालियों में होगी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा
तीन जोनल, 10 सेक्टर और 10 स्टेटिक मजिस्ट्रेट संभालेंगे व्यवस्था: नकलविहीन, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न होगी परीक्षा
बागपत, 21 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की लिखित परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने एवं नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए बागपत प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में परीक्षा की शुचिता, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों की सघन तलाशी, पहचान सत्यापन और प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने स्पष्ट किया कि नकल माफिया और संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। परीक्षा में किसी भी स्तर पर अनियमितता रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सतर्क रहेंगे।
परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर शासन स्तर पर संज्ञान लिए जाने के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भेजने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि PET-2026 जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल, पारदर्शी और नकलविहीन आयोजन में सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है तथा अपने दायित्वों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनपद में PET-2026 की परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को 10 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। तीनों तिथियों में दो-दो पालियों में परीक्षा कराई जाएगी। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चलेगी। प्रत्येक पाली में 4,224 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस तरह छह पालियों में कुल 25,344 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन और परीक्षा संचालन को देखते हुए केंद्रों पर प्रवेश, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा सामग्री के प्रबंधन पर विशेष फोकस रहेगा। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए तीन जोनल मजिस्ट्रेट, 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 10 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है। इनके अतिरिक्त रिजर्व अधिकारियों की व्यवस्था भी रखी गई है। सभी 10 केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक तैनात रहेंगे, जबकि परीक्षा कक्षों में व्यवस्था संभालने के लिए 516 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को अपने निर्धारित दायित्वों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। परीक्षा के तीनों दिन परीक्षा केंद्रों के बीच समन्वय, व्यवस्थाओं की निगरानी और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय रहेगा।
इस दौरान प्रशिक्षक डॉ सत्यवीर सिंह ने परीक्षा हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार विभिन्न बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया जिसकी जिलाधिकारी द्वारा प्रशंसा की गई। वहीं बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी जिस क्रम में जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा कक्षों के सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रखने, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जनरेटर की उपलब्धता, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। केंद्रवार व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए एवं परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर जोर दिया। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री का सुरक्षित रखरखाव तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। परीक्षा संबंधी सामग्री के वितरण और उपयोग में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए। इसी तरह परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों के रोल नंबर का मिलान, प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट का सही वितरण तथा उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित औपचारिकताएं सावधानीपूर्वक पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों और नियमों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए, जिससे किसी त्रुटि या अव्यवस्था की स्थिति न बने। पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने नकल माफिया पर पैनी नजर रखने की बात कही। परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों, अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की कोशिशों पर निगरानी रखी जाएगी। अभ्यर्थियों की नियमानुसार तलाशी और पहचान सत्यापन के साथ मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, स्मार्ट वॉच तथा अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के प्रवेश पर रोक रहेगी। आसपास फोटोकापी की दुकानें बंद रहेगी। परीक्षा की गोपनीयता भंग करने या नकल कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस एक्शन मोड में रहेगी। तीन अलग-अलग तिथियों में परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों के आवागमन पर भी चर्चा हुई जिसके क्रम में परिवहन विभाग को अतिरिक्त बस संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि अभ्यर्थियों को कोई असुविधा न हो। वहीं प्रमुख चौराहों पर केंद्रों तक पहुँचने के लिए आवश्यक जानकारी से युक्त बैनर लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक देवेन्द्र पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार सिंह, प्रशिक्षक डॉ सत्यवीर सिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत